Jamshedpur: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) की झारखंड इकाई ने विकसित भारत शिक्षा अधिनियम बिल 2025 के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन की ओर से राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें इस प्रस्तावित कानून को वापस लेने की मांग की गई है।
AISF ने जताई आशंका
AISF झारखंड का कहना है कि यह बिल शिक्षा की मूल भावना के विपरीत है। संगठन के अनुसार, इस कानून के लागू होने से शिक्षा व्यवस्था में निजीकरण, केंद्रीकरण और व्यावसायीकरण को बढ़ावा मिलेगा। AISF ने आशंका जताई है कि इसके कारण गरीब, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग के छात्रों की उच्च शिक्षा तक पहुंच और अधिक सीमित हो सकती है।
संगठन ने लगाया आरोप
संगठन ने यह भी आरोप लगाया है कि विकसित भारत शिक्षा अधिनियम बिल 2025 के माध्यम से राज्यों के अधिकारों में कटौती की जाएगी, जिससे देश के संघीय ढांचे को कमजोर किया जाएगा। AISF का कहना है कि यह बिल सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को अप्रत्यक्ष रूप से समाप्त करने की दिशा में एक कदम है।
AISF झारखंड ने राष्ट्रपति से की अपील
AISF झारखंड ने राष्ट्रपति से अपील की है कि इस बिल को तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही संगठन ने मांग की है कि किसी भी नई शिक्षा नीति या कानून को लागू करने से पहले छात्रों, शिक्षकों, शिक्षा विशेषज्ञों और राज्य सरकारों के साथ व्यापक चर्चा और विमर्श किया जाना चाहिए।