Municipal Elections: झारखंड में नगर निकाय चुनाव अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है. नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद सियासी मैदान की असली तस्वीर सामने आने लगी है और अब प्रत्याशियों के पास नाम वापस लेने का आखिरी मौका है.
महापौर और अध्यक्ष पद
निर्वाची पदाधिकारियों ने गुरुवार को सभी नामांकन पत्रों की जांच की. इसके बाद महापौर और नगर परिषद व नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए दाखिल 76 नामांकन पत्र रद्द कर दिए गए. इस छंटनी के बाद इन पदों के लिए अब 598 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं.
वार्ड पार्षदों की बड़ी संख्या छंटी
नगर निगम नगर परिषद और नगर पंचायत के वार्ड पार्षद पद के लिए दाखिल पर्चों में भी बड़ी कटौती हुई. जांच के बाद 348 प्रत्याशियों के नामांकन रद्द हुए और अब कुल 5,957 वार्ड पार्षद उम्मीदवार चुनावी दौड़ में हैं.
कुल प्रत्याशियों की स्थिति
नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद अब कुल 6,555 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं. इनमें 598 महापौर और अध्यक्ष पद के तथा 5,957 वार्ड पार्षद पद के उम्मीदवार शामिल हैं.
महिला उम्मीदवारों की भागीदारी
जांच के बाद बचे प्रत्याशियों में 3,229 महिलाएं हैं. महापौर और अध्यक्ष पद के लिए 251 तथा वार्ड पार्षद पद के लिए 2,978 महिलाएं अब भी चुनावी दौड़ में बनी हुई हैं.
शुक्रवार शाम तीन बजे तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकेंगे. इसके बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किन निर्वाचन क्षेत्रों में सीधा मुकाबला होगा और कहां निर्विरोध चुनाव की स्थिति बनेगी.
नामांकन की जांच और रद्द होने की प्रक्रिया के बाद चुनाव का परिदृश्य काफी हद तक साफ हो गया है. अब नाम वापसी के बाद ही असली मुकाबले की तस्वीर सामने आएगी. बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवारों की मौजूदगी यह दिखाती है कि स्थानीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है.