जागरूकता रथों का परिचालन
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 14 फाइलेरिया प्रभावित जिलों के लिए रवाना किए गए जागरूकता रथ रहे। मंत्री डॉ. अंसारी ने इन रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये रथ गाँव-गाँव और शहरी मोहल्लों में जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव, इसके लक्षणों और उपलब्ध सरकारी उपचार के बारे में शिक्षित करेंगे।
कार्यक्रम की मुख्य बातें
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, निदेशक प्रमुख डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। राज्य को फाइलेरिया मुक्त बनाना और जन-भागीदारी सुनिश्चित करना। फाइलेरिया एक लाइलाज बीमारी है, लेकिन समय पर सावधानी और दवा के सेवन से इससे बचा जा सकता है। सरकार हर नागरिक तक स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्यों जरूरी है यह अभियान
फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाली एक ऐसी बीमारी है जो व्यक्ति को उम्र भर के लिए दिव्यांग बना सकती है। झारखंड के कई जिले इससे अत्यधिक प्रभावित हैं। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग न केवल दवा वितरण पर जोर दे रहा है, बल्कि जागरूकता रथ के जरिए इस बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास भी कर रहा है। इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में फाइलेरिया के नए मामलों में भारी कमी आएगी और प्रभावितों को बेहतर देखभाल मिल सकेगी।