National News: केंद्रीय बजट 2026 पेश होते ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस बजट को आम जनता से दूर बताया और कहा कि यह केवल चुनिंदा लोगों के लिए तैयार किया गया है. उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बजट देश के बहुसंख्यक वर्ग की जरूरतों को नजरअंदाज करता है.
केवल 5 प्रतिशत के लिए बजट
अखिलेश यादव ने कहा कि अब तक जो भी बजट पेश किए गए हैं वे केवल 5 प्रतिशत लोगों के हित में रहे हैं. जबकि गरीब, किसान और युवा वर्ग लगातार उपेक्षित रहा है. उन्होंने कहा कि असली बजट वही होता है जो गरीबों के चेहरों पर मुस्कान लाए.
आम जनता नहीं चुनिंदा लोगों का फायदा
उन्होंने आरोप लगाया कि बजट का इस्तेमाल भाजपा अपने करीबी लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए करती है. आम जनता की खुशहाली सरकार की प्राथमिकता नहीं है. गरीब और वंचित वर्ग की हालत जस की तस बनी हुई है.
स्मार्ट सिटी पर सवाल
सरकार के पुराने वादों की याद दिलाते हुए अखिलेश यादव ने स्मार्ट सिटी योजना पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि जहां बड़े-बड़े दावे किए गए वहां सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की हकीकत सामने नहीं आई. कई जगह खराब पानी पीने से लोगों की जान तक चली गई.
पर्यावरण और सेहत पर संकट
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सरकार को यह जवाब देना पड़ता है कि देश की हवा इतनी खराब है कि निवेश तक प्रभावित हो रहा है. खराब हवा के कारण कितने लोगों की जान जा रही है यह किसी से छिपा नहीं है.
किसान और युवा आज भी संघर्ष में
अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ. युवाओं के लिए रोजगार के मौके नहीं हैं और वे आज भी भटक रहे हैं. उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय को लेकर किए जा रहे दावे खोखले हैं. सरकार बताए कि उसने इस मोर्चे पर वास्तव में क्या किया है.
अखिलेश यादव का बयान बजट 2026 के बाद विपक्ष की नाराजगी को दर्शाता है. उनका फोकस आम जनता किसान युवा और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर है. इससे साफ है कि आने वाले समय में बजट को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने वाली है.