Jamshedpur: विजुअल मिथ्स एवं लेडीज़ सर्कल इंडिया जीएमसीएलसी-160 के संयुक्त तत्वावधान में शहर के होटल रमाडा में आयोजित तीन दिवसीय "रेडियंट झारखंड 2.0" मेगा प्रदर्शनी का भव्य समापन शनिवार को हुआ। यह प्रदर्शनी 29 जनवरी से आयोजित की गई थी, जिसमें 10 हजार से अधिक लोगों ने भाग लेकर लाभ प्राप्त किया।
समापन समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मानव केडिया, समाजसेवी सह झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले, आईसीएमआर के वैज्ञानिक डॉ. पी.के. त्रिपाठी, डॉ. के. गोपाल कृष्णा, एनआईसी झारखंड स्टेट यूनिट की सीनियर टेक्निकल डायरेक्टर शिवानी कोरा, सोना देवी विश्वविद्यालय के चांसलर प्रभाकर सिंह, आरवीएस इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार तिवारी तथा सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की प्राचार्या रंजीता गांधी उपस्थित रहीं।
सभी अतिथियों का स्वागत विज़ुअल मिथ्स के डायरेक्टर वनीस गुप्ता एवं प्रोजेक्ट हेड किंजल गांधी ने किया।
समारोह को संबोधित करते हुए अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि लोकप्रिय सांसद विद्युत वरण महतो के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों और संस्थानों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से विकसित भारत की झलक देखने को मिली। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी से छात्रों को नए-नए इनोवेशन की जानकारी मिली, वहीं आम जनता सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों से भी अवगत हुई। इसके लिए उन्होंने आयोजक संस्था विज़ुअल मिथ्स एवं सभी प्रतिभागी संस्थानों की सराहना की।
इससे पूर्व स्वागत संबोधन विज़ुअल मिथ्स की अनिशा यादव ने किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन उदय चंद्रवंशी ने किया। सुबह 10 बजे से ही प्रदर्शनी देखने के लिए छात्रों की लंबी कतारें लगी रहीं और दोपहर 2 बजे तक बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
बेस्ट स्टॉल को किया गया सम्मानित
- तीन दिवसीय प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टॉलों को सम्मानित किया गया। इनमें
- भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर)
- पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
- नॉर्थ ईस्टर्न डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनईडीएफआई)
- परमाणु ऊर्जा विभाग
- गुजरात स्टेट हैंडलूम एंड हैंडिक्राफ्ट्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड
- तमिलनाडु हॉर्टिकल्चर
- नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी)
- सेंट्रल इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट सेंटर (सीआईपीएमसी)
शामिल रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में इनका रहा योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में अनिशा यादव, विनोद कुमार, संतोष पवार, अमीषा सक्सेना, आदिती सक्सेना, मोहम्मद अफ़जल एवं दत्ता थोरे का महत्वपूर्ण योगदान रहा।