Jharkhand News: राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर झारखंड की राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने मतदाताओं को जागरूक रहने का संदेश दिया. उन्होंने राज्यवासियों को 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती मतदाता की समझ और उसके फैसले पर निर्भर करती है.
1950 से 2011 तक की लोकतांत्रिक यात्रा
अलका तिवारी ने बताया कि 25 जनवरी 1950 को भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी और वर्ष 2011 से इस दिन को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है. रांची के आर्यभट्ट सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मतदाताओं को उनके अधिकार और जिम्मेदारी का एहसास कराया गया.
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम My India My Vote और टैगलाइन Indian Citizen at the Heart of Indian Democracy की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मतदाता लोकतंत्र की नींव है और बिना भय, प्रलोभन, जाति, धर्म, भाषा या समुदाय से ऊपर उठकर मतदान करना ही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है.
मतदाता पंजीकरण एक निरंतर प्रक्रिया
अलका तिवारी ने कहा कि मतदाता पंजीकरण कोई एक दिन की प्रक्रिया नहीं बल्कि निरंतर चलने वाला काम है. 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र नागरिक 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर को मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकते हैं. चुनाव प्रक्रिया के दौरान महिला, पुरुष, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, पीवीटीजी और थर्ड जेंडर मतदाताओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं.
राज्य में जागरूकता के लिए मजबूत व्यवस्था
उन्होंने जानकारी दी कि झारखंड में 2886 इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब और प्रत्येक मतदान केंद्र पर चुनाव पाठशाला की स्थापना की गई है. मतदाता सूची के अद्यतनीकरण के लिए 966 वोटर अवेयरनेस फोरम सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. मतदाताओं से अपील की गई कि वे चुनाव आयोग की वेबसाइट, बीएलओ या वोटर हेल्पलाइन ऐप के जरिए अपना नाम सूची में दर्ज कराएं.
बीएलओ और डिजिटल सुविधाओं पर जोर
इस मौके पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रवि कुमार ने कहा कि मतदान के अधिकार के लिए मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है. बीएलओ के माध्यम से मतदाता सूची और वोटर कार्ड से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सकती है. उन्होंने Book a Call सुविधा की जानकारी दी, जिसके तहत 48 घंटे के भीतर बीएलओ मतदाता से संपर्क करते हैं.
गहन पुनरीक्षण की स्थिति
रवि कुमार ने बताया कि झारखंड में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण चल रहा है. इस प्रक्रिया के तहत अब तक 72 प्रतिशत मतदाताओं का मैपिंग बीएलओ एप के माध्यम से पूरा किया जा चुका है.
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के बहाने चुनाव आयोग का जोर साफ है कि लोकतंत्र को मजबूत करने की जिम्मेदारी सिर्फ व्यवस्था की नहीं बल्कि हर मतदाता की है. जागरूकता, पंजीकरण और सुविधा का यह ढांचा बताता है कि आने वाले समय में मतदाता की भागीदारी को और व्यापक बनाने की तैयारी चल रही है.