Jamshedpur News: Xavier School Of Management ने सार्वजनिक नीति और नेतृत्व के क्षेत्र में अपनी बड़ी शैक्षणिक पहल को आगे बढ़ाते हुए पब्लिक पॉलिसी एंड सस्टेनेबल लीडरशिप यानी पीपीएसएल कार्यक्रम के दूसरे बैच के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है. पहले बैच की सफलता के बाद संस्थान ने इस कार्यक्रम को और व्यापक बनाने की तैयारी की है. यह एक वर्षीय हाइब्रिड कार्यकारी कार्यक्रम है, जिसे भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग यानी डीओपीटी के सहयोग से संचालित किया जा रहा है. संस्थान का कहना है कि यह कार्यक्रम नीति निर्माण, प्रशासन, सस्टेनेबिलिटी और नेतृत्व के क्षेत्र में काम कर रहे पेशेवरों को एक साझा शैक्षणिक मंच उपलब्ध कराता है, जहां अलग अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ एक साथ सीखने और अनुभव साझा करने का अवसर प्राप्त करते हैं.
नीति निर्माण और नेतृत्व को जोड़ने वाला अनोखा कार्यक्रम
पीपीएसएल कार्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि इसमें सरकारी अधिकारी, शिक्षाविद, विकास क्षेत्र के विशेषज्ञ, सस्टेनेबिलिटी प्रोफेशनल्स और निजी क्षेत्र से जुड़े लोग एक साथ अध्ययन कर सकें. कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसमें सरकार द्वारा प्रायोजित प्रतिभागियों के साथ स्ववित्तपोषित प्रतिभागियों को भी शामिल किया जाता है,
जिससे कक्षा में विविध अनुभव और दृष्टिकोण देखने को मिलते हैं.
पहले बैच में भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे. इनमें आईएएस, आईपीएस, आईएफओएस और राज्य सिविल सेवा अधिकारियों के अलावा यूएन वूमेन, पीएसई इंडिया, काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर यानी सीईईडब्ल्यू, पीसीआई इंडिया, आईबीएम रिसर्च लैब्स और लोक प्रशासन संस्थानों से जुड़े पेशेवर और शिक्षाविद भी शामिल थे.
कार्यरत पेशेवरों के लिए तैयार किया गया है हाइब्रिड मॉडल
180 घंटे के इस कार्यक्रम को खासतौर पर कार्यरत पेशेवरों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है. इसमें हाइब्रिड शिक्षण मॉडल अपनाया गया है, जिसके तहत दो छोटे कैंपस रेजिडेंसी मॉड्यूल आयोजित किए जाएंगे. इसके साथ ही रविवार को इंटरैक्टिव ऑनलाइन सत्र भी होंगे, ताकि कामकाजी लोग आसानी से इसमें भाग ले सकें.
कार्यक्रम में सार्वजनिक नीति, सार्वजनिक वित्त, शासन व्यवस्था, सार्वजनिक प्रबंधन, सस्टेनेबिलिटी, नेतृत्व, हितधारक सहभागिता, व्यवसायिक रणनीतियां और उभरती विकासात्मक चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है.
जिम्मेदार नेतृत्व तैयार करने पर है कार्यक्रम का फोकस
पीपीएसएल कार्यक्रम के निदेशक और एक्सएलआरई के एसोसिएट प्रोफेसर कल्याण भास्कर ने कार्यक्रम की अहमियत पर बात करते हुए कहा कि यह पहल सार्वजनिक नीति, शासन और सामाजिक मूल्य निर्माण के क्षेत्र में जिम्मेदार नेतृत्व तैयार करने की व्यापक सोच को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों की विविध पृष्ठभूमि कक्षा चर्चाओं और सामूहिक अध्ययन को और समृद्ध बनाती है. इससे प्रशासन, शिक्षा जगत, उद्योग और विकास क्षेत्र के बीच सार्थक संवाद स्थापित होता है.
बदलती चुनौतियों के बीच नई सोच वाले नेतृत्व की तैयारी
एक्सएलआरई का मानना है कि सार्वजनिक नीति, लोक प्रशासन और सस्टेनेबिलिटी से जुड़ी चुनौतियां लगातार जटिल होती जा रही हैं. ऐसे समय में ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो समाज के लिए समावेशी, नैतिक और तथ्यों पर आधारित समाधान तैयार कर सके. संस्थान को उम्मीद है कि दूसरे बैच के जरिए सार्वजनिक प्रणालियों और विकासात्मक संस्थानों में काम कर रहे अधिकारियों और विशेषज्ञों के बीच सहयोगात्मक अधिगम को और मजबूती मिलेगी.
18 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन
पीपीएसएल कार्यक्रम के दूसरे बैच के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 18 अगस्त 2026 तय की गई है. कार्यक्रम की शुरुआत 18 सितंबर 2026 को एक्सएलआरई जमशेदपुर में आयोजित उद्घाटन कैंपस मॉड्यूल के साथ होगी. कार्यक्रम, पात्रता और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी अधिक जानकारी XLRI की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है.