ये दोनों शावक चिड़ियाघर में रह रहे बाघ रुद्र और बाघिन मेघना के संतान हैं। जन्म के बाद से ही दोनों शावक पशु चिकित्सकों की सतत निगरानी और देखरेख में हैं। नागरिकों और वन्यजीवों के बीच जुड़ाव को मजबूत करने के उद्देश्य से चिड़ियाघर प्रशासन द्वारा 10 जनवरी से 13 जनवरी 2026 तक आम जनता के लिए नामकरण प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस पहल को जमशेदपुरवासियों का जबरदस्त समर्थन मिला और चार दिनों के भीतर 550 से अधिक नाम सुझाव प्राप्त हुए।
प्राप्त नामों में कई नाम अर्थपूर्ण, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और विचारोत्तेजक थे, जो नागरिकों की चिड़ियाघर और वन्यजीवों के प्रति गहरी संवेदनशीलता को दर्शाते हैं। नामों के चयन में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि वे उच्चारण में सरल, सकारात्मक अर्थ वाले, आपसी सामंजस्य रखने वाले हों और दोनों शावकों की भाई-बहन की पहचान को भी दर्शाएं।
चिड़ियाघर अधिकारियों द्वारा की गई विस्तृत समीक्षा के बाद “तारा” और “सारा” नामों को अंतिम रूप से चुना गया। यह नाम एंजेल वर्मा द्वारा सुझाए गए थे, जिन्हें उनके योगदान के लिए गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।
गौरतलब है कि “तारा” नाम कई अन्य नागरिकों द्वारा भी सुझाया गया था। इनमें मो अरमान, मेघा महतो, रिशिता शर्मा, प्रथम अग्रवाल, रवि कश्यप, मोनालिसा बर्मन, अदनान अख्तर, आदित्य कुमार, सुजीत हलदर, दिपांशु सिंह एवं सैयद एजाज हसन शामिल हैं। प्रशंसा स्वरूप इन सभी प्रतिभागियों को स्वयं एवं अपने परिवारजनों के लिए निःशुल्क चिड़ियाघर प्रवेश पास प्रदान किए जाएंगे।
इस बीच, दोनों बाघिन शावकों की सेहत अच्छी बताई जा रही है। हाल ही में उन्हें कैनाइन डिस्टेंपर से बचाव के लिए टीकाकरण दिया गया है। उनका वजन क्रमशः 7.34 किलोग्राम और 7.20 किलोग्राम दर्ज किया गया है, जो उनके स्वस्थ विकास को दर्शाता है।
चिड़ियाघर प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की सहभागितापूर्ण पहलें न केवल वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाती हैं, बल्कि आम जनता को प्रकृति संरक्षण और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के प्रति भी जागरूक करती हैं। टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क वन्यजीव संरक्षण और जीवों की सर्वोत्तम देखभाल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर मजबूत करता आ रहा है।