Ranchi: राजधानी रांची के पंडरा ओपी क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में गोली लगने से घायल आरोपी रवि यादव को इलाज के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है।
अस्पताल से हुई गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, फायरिंग की घटना के दौरान रवि यादव को भी गोली लगी थी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे ऑर्किड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
पहले ही हो चुका है कांड का खुलासा
इससे पहले पुलिस ने 19 जनवरी को पूरे मामले का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गिरफ्तार आरोपियों में संजय पांडेय, आशु कुमार साहु उर्फ बबलू, जुबैर खान उर्फ अजू, संतोष कुमार गुप्ता उर्फ बाबु, पप्पु साव और रोहित पांडेय शामिल हैं।
आरोपियों के पास से बरामद सामान
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक लोडेड देसी कट्टा, एक जिंदा गोली, एक स्कॉर्पियो वाहन, सात खोखे, तीन पिलेट और आठ मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
तीन एकड़ जमीन बना विवाद की जड़
पूरा विवाद कांके रिंग रोड के सुकरहुटू मनातु इलाके में स्थित करीब तीन एकड़ जमीन को लेकर था। जमीन पर कब्जा और लेन-देन को लेकर दो गुटों के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी।
पहले मारपीट, फिर बातचीत
17 जनवरी की दोपहर करीब एक बजे दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इसके बाद शाम में जमीन और पैसों के मुद्दे पर बातचीत करने पर सहमति बनी। तय हुआ कि रात में पिस्का मोड़ के पास दोनों पक्ष आमने-सामने बैठेंगे।
बहस से शुरू हुआ विवाद, गोलियों में बदला
रात के समय आकाश सिंह और विकास सिंह अपने समर्थकों के साथ तीन गाड़ियों से मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद संजय पांडेय गुट भी तीन वाहनों में वहां पहुंचा। बातचीत शुरू हुई, लेकिन जल्द ही जमीन और पैसों को लेकर बहस बढ़ गई। इसी दौरान संजय पांडेय गुट की ओर से अचानक फायरिंग शुरू हो गई।
इस घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आकाश सिंह के दाहिने हाथ में गोली लगी, जबकि विकास सिंह को सीने में दो गोलियां और बाएं हाथ में एक गोली लगी। घटना के बाद सभी आरोपी स्कॉर्पियो और अन्य गाड़ियों से फरार हो गए।
इलाज और पुलिस की आगे की कार्रवाई
घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। आकाश सिंह और विकास सिंह का इलाज रिम्स में किया गया, जबकि रवि यादव का इलाज ऑर्किड अस्पताल में चला। पुलिस का कहना है कि जमीन विवाद से जुड़े इस मामले में सभी आरोपियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी गिरफ्तारियां की जाएंगी।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरे कांड के खुलासे में पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय रही। प्रमुख रूप से कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय, सुखदेवनगर थाना प्रभारी सुनील कुशवाह, कोतवाली थाना प्रभारी रवि कुमार, एसआई सहावीर उरांव, गिरजा मोहन सिंह, श्यामनाथ उरांव, मीनकेतन कुमार और अनुज प्रसाद यादव शामिल रहे।