Jharkhand Crime News: पलामू जिले में पुलिस ने समय रहते एक बड़ी आपराधिक साजिश को विफल कर दिया है. जिले में फोरलेन निर्माण कार्य को निशाना बनाकर दहशत फैलाने की योजना बनाई जा रही थी. जांच में सामने आया कि इस साजिश के पीछे कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान का आपसी गठजोड़ काम कर रहा था. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है.
गिरफ्तार आरोपियों से हथियार बरामद
पुलिस के अनुसार सिंगरा और चियांकी इलाके में एनएचएआई के फोरलेन निर्माण स्थल पर गोलीबारी कर रंगदारी वसूली की तैयारी थी. गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से देसी पिस्टल, कट्टा, मैगजीन, जिंदा गोली, मोबाइल फोन, बाइक और धमकी भरे पर्चे बरामद किए गए. इनका इस्तेमाल निर्माण एजेंसियों में भय का माहौल बनाने के लिए किया जाना था.
पुराने आपराधिक नेटवर्क को फिर से सक्रिय करने की कोशिश
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए कई आरोपी पहले भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं. जेल से बाहर आने के बाद दोबारा संगठित होकर वारदात को अंजाम देने की तैयारी की जा रही थी. वर्तमान में सुजीत सिन्हा से जुड़े नेटवर्क को कुबेर नाम से संचालित किए जाने की जानकारी सामने आई है.
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरोह के कुछ सदस्य पहले एक ही जेल में बंद रह चुके थे, जहां से आपसी संपर्क मजबूत हुआ. इसी नेटवर्क के जरिए फोरलेन साइट पर फायरिंग की योजना बनाई गई थी. पुलिस का कहना है कि समय पर कार्रवाई नहीं होती तो इलाके में बड़ी घटना हो सकती थी.
समय पर कार्रवाई से टली बड़ी वारदात
पुलिस की सक्रियता के कारण पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सका और किसी भी आपराधिक घटना से पहले ही सभी आरोपियों को दबोच लिया गया. मामले में आगे की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है.
यह कार्रवाई दर्शाती है कि संगठित अपराधी गिरोह अब भी बड़े विकास कार्यों को निशाना बनाकर दहशत और रंगदारी का रास्ता अपनाना चाहते हैं. समय रहते की गई पुलिस कार्रवाई से न केवल एक बड़ी वारदात टली है, बल्कि आपराधिक नेटवर्क की कार्यप्रणाली भी उजागर हुई है. इससे यह संकेत मिलता है कि सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता ऐसे गिरोहों पर लगातार दबाव बना रही है.