Jharkhand News: झारखंड हाईकोर्ट ने पीडीएस के तहत गरीबों को चना दाल नहीं मिलने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई पूरी करते हुए राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश के साथ मामले का निष्पादन कर दिया. अदालत ने आदेश दिया कि चना दाल का वितरण हर हाल में 26 जनवरी तक शुरू किया जाए. यह मामला समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने स्वत: संज्ञान में लिया था.
मुख्यमंत्री दाल वितरण योजना पर उठे सवाल
कोर्ट के संज्ञान में लाया गया कि मुख्यमंत्री दाल वितरण योजना के तहत झारखंड के गरीब और हाशिए पर रहने वाले लोगों को लंबे समय से चना दाल और नमक नहीं मिल रहा है. बताया गया कि मई 2025 के बाद से चना दाल की आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे लाभुकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
टेंडर प्रक्रिया और सप्लाई ऑर्डर का विवरण
राज्य सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि 26 सितंबर 2025 को जीईएम पोर्टल पर चना दाल आपूर्ति के लिए टेंडर जारी किया गया था. इसके बाद 13 से 15 दिसंबर के बीच रिवर्स ऑक्शन की प्रक्रिया पूरी हुई. सबसे कम दर देने वाली आंध्र प्रदेश की एम एस वीकेयर सीड्स प्राइवेट लिमिटेड को 12 जनवरी 2026 को सप्लाई ऑर्डर जारी किया गया, जो नाफेड की दर से कम है.
शपथ पत्र पर संतोष, पारदर्शी वितरण की उम्मीद
अंडर सेक्रेटरी संजय कुमार द्वारा 13 जनवरी को दाखिल शपथ पत्र पर संतोष जताते हुए चीफ जस्टिस एम एस सोनक और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने कहा कि वितरण प्रक्रिया शीघ्र शुरू होनी चाहिए और यह पारदर्शी तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंचे.
सरकार के आग्रह पर PIL बंद
राज्य सरकार की अधिवक्ता ने जनहित याचिका को समाप्त करने का आग्रह किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया. साथ ही कोर्ट ने यह उम्मीद भी जताई कि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो.
निगरानी और जवाबदेही जरुरी
यह मामला दर्शाता है कि कल्याणकारी योजनाओं में आपूर्ति बाधित होने पर न्यायपालिका किस तरह हस्तक्षेप कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करती है. हाईकोर्ट के निर्देश से न सिर्फ वितरण प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि भविष्य में ऐसी योजनाओं की निगरानी और जवाबदेही भी मजबूत होने की संभावना है.