Jharkhand Politics: झारखंड में अवैध कोयला कारोबार को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं. सोशल मीडिया के माध्यम से उन्होंने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल के रानीगंज और झारखंड के धनबाद की अवैध खदानों से निकला चोरी का कोयला जीटी रोड के जरिए बिहार और उत्तर प्रदेश की मंडियों तक भेजा जा रहा है. उनके अनुसार प्रतिदिन सैकड़ों ट्रकों से 5000 टन से अधिक कोयले की ढुलाई हो रही है.
फर्जी दस्तावेजों के सहारे चल रहा खेल
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह पूरा कारोबार फर्जी चालान और डिस्को पेपर के सहारे संचालित किया जा रहा है. इससे राज्य को हर महीने अरबों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि पांडेय और सिंह गिरोह पुलिस और राज्य सरकार के संरक्षण में इस तस्करी को अंजाम दे रहे हैं.
कार्रवाई करने वाले अधिकारी का हुआ तबादला
उन्होंने बताया कि इस संगठित तस्करी पर गिरिडीह के तत्कालीन एसपी दीपक शर्मा ने अपने कार्यकाल के दौरान कार्रवाई की थी. एक वर्ष के भीतर जीटी रोड पर 58 कोयला लदे ट्रकों को जब्त किया गया था. लेकिन अवैध कारोबार में बाधा बनने वाले इस अधिकारी का तबादला कर दिया गया. इसके बाद पुलिस की कार्रवाई लगभग थम गई.
झारखंड पुलिस से सख्त कदम उठाने की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने झारखंड पुलिस से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लेने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए और मामला केंद्रीय जांच एजेंसियों तक पहुंचा तो इसमें शामिल माफिया, जिम्मेदार पुलिस अधिकारी और सत्ताधारी दल से जुड़े लोग इसे राजनीतिक साजिश बताने की कोशिश करेंगे.
तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई जरुरी
बाबूलाल मरांडी के आरोप राज्य में अवैध कोयला कारोबार की पुरानी लेकिन लगातार बनी समस्या की ओर इशारा करते हैं. अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस और प्रशासन इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या वास्तव में तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई हो पाती है.