Jharkhand News: झारखंड माध्यमिक आचार्य बहाली से जुड़ी परीक्षा प्रक्रिया में अगला चरण तय हो गया है. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2025 के अंतर्गत द्वितीय पत्र यानी पेपर 2 का शिड्यूल जारी कर दिया है. आयोग की ओर से जारी सूचना के आधार पर अभ्यर्थियों को परीक्षा की तारीख और पाली की जानकारी दी गई है.
चार दिन में आयोजित होगी परीक्षा
आयोग के अनुसार पेपर 2 की परीक्षा 19 जनवरी 2026 से शुरू होकर 22 जनवरी 2026 तक चलेगी. यह परीक्षा विभिन्न विषयों के लिए आयोजित की जाएगी. सभी विषयों की परीक्षा दो पालियों में होगी. पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है.
पहले दिन केवल एक विषय की परीक्षा
19 जनवरी 2026 को द्वितीय पाली में केवल एआई एवं कोडिंग विषय की परीक्षा ली जाएगी. इस दिन पहली पाली में कोई परीक्षा निर्धारित नहीं है.
20 जनवरी को कई विषयों की परीक्षा
- 20 जनवरी 2026 को पहली पाली में संथाली, विशेष शिक्षा, नागपुरी, पंचपरगनिया, गृह विज्ञान, मनोविज्ञान और कंप्यूटर साइंस की परीक्षा होगी.
- इसी दिन दूसरी पाली में बंगला, समाजशास्त्र, भूविज्ञान, मानवविज्ञान और दर्शनशास्त्र विषय के अभ्यर्थी परीक्षा देंगे.
21 जनवरी को क्षेत्रीय और भाषा विषय
- 21 जनवरी 2026 को पहली पाली में खोरठा, कुड़माली, मुंडारी और एप्लाइड इंग्लिश की परीक्षा आयोजित की जाएगी.
- दूसरी पाली में कुरुख, उर्दू, हो, साइबर सिक्योरिटी और ओड़िया विषय शामिल हैं.
राजनीति विज्ञान की परीक्षा अंतिम दिन
22 जनवरी 2026 को राजनीति विज्ञान विषय की परीक्षा होगी. यह परीक्षा पहली और दूसरी दोनों पालियों में आयोजित की जाएगी.
अभ्यर्थियों के लिए आयोग की सलाह
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अपने विषय के अनुसार परीक्षा की तिथि और पाली की जानकारी पहले से जांच लें. समय पर परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा. विस्तृत दिशा निर्देश आयोग की आधिकारिक सूचना के अनुसार लागू होंगे.
अभ्यर्थियों के लिए सबसे अहम चुनौती समय प्रबंधन और विषय आधारित तैयारी
आचार्य बहाली परीक्षा का पेपर 2 शिड्यूल जारी होने से हजारों अभ्यर्थियों की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. विषयवार अलग-अलग दिनों में परीक्षा रखने से भीड़ प्रबंधन में सुविधा होगी. अब अभ्यर्थियों के लिए सबसे अहम चुनौती समय प्रबंधन और विषय आधारित तैयारी को अंतिम रूप देना है.