Dhanbad Crime News: धनबाद के राजगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए एक संभावित बड़ी आपराधिक वारदात को टाल दिया. गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में चार अपराधियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों में रिंकू मंडल उर्फ टुनटुन मंडल, रवि महतो उर्फ बिल्लू, समशुल अंसारी उर्फ चांद और गौतम धीवर उर्फ बाबा शामिल हैं. मामले की जानकारी धनबाद ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी ने प्रेसवार्ता के दौरान दी.
गुप्त सूचना के बाद संयुक्त पुलिस टीम का गठन
ग्रामीण एसपी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी राजगंज क्षेत्र में किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं. सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों के निर्देश पर राजगंज और तेतुलमारी थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई. इसके बाद इलाके में निगरानी बढ़ाते हुए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया.
रात में वाहन जांच के दौरान संदिग्धों की घेराबंदी
संयुक्त पुलिस टीम ने शुक्रवार की रात राजगंज तेतुलमारी मुख्य सड़क पर सोनदाहा बस्ती के पास वाहन जांच अभियान शुरू किया. इसी दौरान रात करीब 11.45 बजे दो बाइक पर सवार चार युवक तेतुलमारी की ओर से आते दिखाई दिए. पुलिस द्वारा रुकने का इशारा करने पर युवक अचानक बाइक मोड़कर सोनदाहा बस्ती की ओर भागने लगे. पीछा किए जाने पर दोनों बाइक असंतुलित होकर गिर गईं और पुलिस ने चारों युवकों को मौके पर पकड़ लिया.
हथियार और गोलियों की बरामदगी
पकड़े गए युवकों की तलाशी लेने पर पुलिस ने उनके पास से दो देसी पिस्टल, 7.65 एमएम की पांच जिंदा गोलियां, चार मोबाइल फोन और दो बाइक बरामद की. पुलिस के अनुसार बरामद हथियार किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे की ओर इशारा कर रहे थे.
पूर्व की घटना में संलिप्तता स्वीकार
ग्रामीण एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान चारों आरोपियों ने 10 जनवरी को तेतुलमारी के तिलाटांड़ गांव के पास किराना दुकानदार अर्जुन महतो पर फायरिंग कर लूटपाट के प्रयास में शामिल होने की बात स्वीकार की है. पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ का आपराधिक इतिहास भी रहा है और उनके पिछले रिकॉर्ड की जांच की जा रही है.
संयुक्त कार्रवाई से साजिश नाकाम
राजगंज इलाके में समय रहते हुई यह गिरफ्तारी पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है. हथियारों के साथ अपराधियों की मौजूदगी इस बात का संकेत थी कि क्षेत्र में बड़ी आपराधिक घटना हो सकती थी. संयुक्त कार्रवाई से न केवल एक साजिश नाकाम हुई बल्कि पहले की वारदात से जुड़े आरोपियों तक भी पुलिस पहुंच सकी. अब आगे की जांच में इनके नेटवर्क और संभावित अन्य संलिप्तताओं का खुलासा होने की संभावना है.