Jharkhand News: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के वार्षिक सम्मेलन में इस बार झारखंड की उपस्थिति खास मानी जा रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार का प्रतिनिधिमंडल पहले ही दावोस पहुंच चुका है. इसी क्रम में झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा और महासचिव रोहित अग्रवाल भी रांची से दिल्ली होते हुए दावोस के लिए रवाना हुए. यह पहला मौका है जब झारखंड चैंबर को राज्य सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनाया गया है.
दावोस रवाना होने से पहले रांची एयरपोर्ट पर राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने झारखंड चैंबर के दोनों पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि चैंबर की भागीदारी यह संकेत देती है कि झारखंड सरकार उद्योग और व्यापार को वैश्विक मंच से जोड़ने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है. इससे राज्य की आर्थिक संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी.
निवेश और वैश्विक साझेदारी पर फोकस
चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह पहल झारखंड के लिए नई विकास संभावनाओं के द्वार खोल सकती है. दावोस में वैश्विक निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ संवाद के जरिए राज्य में निवेश को लेकर सकारात्मक माहौल बनेगा. महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे मंच पर वैश्विक अनुभवों को समझने और उन्हें झारखंड की जरूरतों के अनुसार अपनाने का अवसर मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की प्राकृतिक संपदा और औद्योगिक क्षमता को प्रभावी तरीके से दुनिया के सामने रखा जाएगा.
ऊर्जा और खनिज संसाधनों पर केंद्रित प्रस्तुति
सम्मेलन के दौरान झारखंड के खनिज संसाधन, हरित ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, ग्रिड आधुनिकीकरण और स्वच्छ ईंधन से जुड़े निवेश अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा. इसके साथ ही औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन और सतत विकास से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी. झारखंड सरकार और चैंबर का साझा प्रयास रहेगा कि राज्य को भविष्य की ऊर्जा अर्थव्यवस्था से जोड़ा जाए.
नेट जीरो लक्ष्य और ग्रीन इकोनॉमी का संदेश
दावोस और यूनाइटेड किंगडम में निवेशकों से संवाद के दौरान प्रतिनिधिमंडल यह संदेश देगा कि झारखंड भारत के नेट जीरो लक्ष्य की दिशा में गंभीरता से आगे बढ़ रहा है. राज्य सरकार का फोकस प्रकृति के साथ संतुलन बनाते हुए औद्योगिक विकास को गति देने पर है. इस पहल के जरिए झारखंड को वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन की दौड़ में एक मजबूत दावेदार के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की जा रही है.
ऊर्जा और सतत विकास पर केंद्रित संवाद
दावोस में झारखंड चैंबर की आधिकारिक भागीदारी राज्य के लिए रणनीतिक रूप से अहम कदम मानी जा रही है. इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार अब उद्योग और व्यापार को वैश्विक मंच से सीधे जोड़ना चाहती है. ऊर्जा और सतत विकास पर केंद्रित यह संवाद आने वाले समय में झारखंड के लिए निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकता है.