Jamtara News: साइबर अपराधियों में अब पुलिस का डर कम होता नजर आ रहा है. ठग आम लोगों के साथ-साथ अब बड़े अधिकारियों को भी निशाना बना रहे हैं. ताजा मामला जामताड़ा जिले से सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने उपायुक्त (डीसी) रवि आनंद के नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट बना दिया है.
इस नकली फेसबुक प्रोफाइल के जरिए लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट और मैसेज भेजे जा रहे हैं, ताकि उन्हें धोखे में लेकर ठगी की जा सके. जैसे ही इस मामले की जानकारी उपायुक्त को मिली, उन्होंने तुरंत जिले के लोगों को सावधान किया. उपायुक्त ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया पर उनके नाम से चल रहा यह अकाउंट पूरी तरह फर्जी है और इसका उनसे कोई लेना-देना नहीं है.
उपायुक्त ने दिया एसपी को कार्रवाई का निर्देश
उपायुक्त ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि फर्जी अकाउंट बनाने वाले साइबर अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके.
बताया जा रहा है कि डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन सुविधाओं के बढ़ने के साथ ही साइबर अपराध भी तेजी से बढ़े हैं. साइबर ठग दूर-दराज और सुनसान इलाकों से बैठकर लोगों को लालच, डर या झूठे वादों में फंसाते हैं और कुछ ही सेकेंड में उनकी मेहनत की कमाई हड़प लेते हैं.
साइबर अपराधी फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे में साइबर ठगी से बचने का सबसे असरदार तरीका सतर्कता और जागरूकता है. किसी भी अनजान प्रोफाइल की रिक्वेस्ट स्वीकार न करें, संदिग्ध मैसेज पर भरोसा न करें और अपनी निजी जानकारी किसी से साझा न करें. खुद भी सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें, ताकि साइबर ठगों के मंसूबे नाकाम हो सकें.