Ranchi News: केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (CUJ) के शिक्षा विभाग को एक बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि मिली है. विभाग को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन के लिए मौलाना अबुल कलाम आज़ाद इंस्टीट्यूट ऑफ एशियन स्टडीज़ (MAKAIAS), कोलकाता की ओर से 2 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है. यह संगोष्ठी 21 और 22 जनवरी 2026 को आयोजित की जाएगी.
इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय होगा-
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दृष्टिकोण में शिक्षक और शिक्षक शिक्षा की नई भूमिका: भारतीय ज्ञान परंपरा से वैश्विक शिक्षा विमर्श तक.
संगोष्ठी के संयोजक प्रो. तपन कुमार बसंतिया ने बताया कि MAKAIAS भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत एक स्वायत्त संस्थान है, जो एशिया से जुड़े सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक विषयों पर अध्ययन और शोध करता है, जिसमें भारत पर विशेष ध्यान दिया जाता है.
सशक्तिकरण पर विशेष ज़ोर
उन्होंने बताया कि इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के संदर्भ में भारत की शिक्षक शिक्षा प्रणाली और शिक्षकों की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श करना है.नई शिक्षा नीति में शिक्षकों को शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ माना गया है और उनके सशक्तिकरण पर विशेष ज़ोर दिया गया है.
प्रो. बसंतिया के अनुसार, आज के समय में शिक्षकों के लिए यह ज़रूरी है कि वे भारतीय ज्ञान परंपराओं के साथ-साथ शिक्षा से जुड़े अंतरराष्ट्रीय विचारों और चर्चाओं को भी समझें, ताकि वर्तमान और भविष्य की शैक्षिक चुनौतियों का बेहतर समाधान किया जा सके.
लाखों का अनुदान
उन्होंने यह भी बताया कि इंडिक स्टडीज़, एशियन स्टडीज़ का एक अहम हिस्सा है. इसी व्यापक अकादमिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए MAKAIAS ने इस संगोष्ठी को प्रायोजित किया है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले इस आयोजन के लिए भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR), नई दिल्ली से 3 लाख रुपये और भारतीय विश्व मामलों की परिषद (ICWA), नई दिल्ली से 4 लाख रुपये का अनुदान भी मिल चुका है.
इस उपलब्धि के लिए प्रो. बसंतिया ने केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के कुलपति प्रो. क्षिति भूषण दास के निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन के प्रति आभार जताया. साथ ही उन्होंने कुलसचिव के.के. राव, विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कर्मचारियों और संकाय सदस्यों के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया.