BREAKING: टाटा स्टील और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच लंबे इंतजार के बाद बुधवार को वेतन समझौते पर अंतिम मुहर लग गई। कंपनी के एमडी सह सीईओ टीवी नरेंद्रन के स्तर पर हुई अंतिम दौर की वार्ता के बाद समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता सात वर्षों के लिए लागू होगा।
समझौते के तहत पुराने सीरीज के कर्मचारियों के वेतन में औसतन वृद्धि की गई है। कर्मचारियों को न्यूनतम 18,116 रुपये और अधिकतम 30,793 रुपये तक की वेतन बढ़ोतरी मिलेगी। वहीं एनएस ग्रेड के कर्मचारियों के वेतन में न्यूनतम 16,111 रुपये और अधिकतम 18,747 रुपये तक की वृद्धि तय की गई है।
पीएमएस के दायरे से बाहर रहे कर्मचारी
वेतन समझौते के दौरान कर्मचारियों को परफॉर्मेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएमएस) के दायरे में लाने का प्रस्ताव भी चर्चा में रहा, लेकिन यूनियन ने इसका विरोध किया। अंततः कर्मचारियों को पीएमएस के दायरे में नहीं लाया गया।
हालांकि डीए प्रति प्वाइंट में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं हो सकी। एरियर की राशि कर्मचारियों को नवंबर 2026 में भुगतान की जाएगी।
दो चरणों में मिलेगा एमजीबी लाभ
समझौते के अनुसार पुराने सीरीज के कर्मचारियों को 1 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 तक 5 प्रतिशत एमजीबी वृद्धि मिलेगी। इसके बाद 1 अप्रैल 2026 से अतिरिक्त 5 प्रतिशत एमजीबी लागू होगा। इस तरह कुल 10 प्रतिशत एमजीबी वृद्धि तय हुई है, लेकिन अप्रैल 2026 तक एरियर की गणना केवल 5 प्रतिशत वृद्धि के आधार पर ही होगी।
एनएस ग्रेड कर्मचारियों को भी लाभ
एनएस ग्रेड कर्मचारियों के लिए न्यूनतम एमजीबी 5,500 रुपये प्रतिमाह और अधिकतम 9,300 रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया गया है। औसतन एमजीबी 8,810 रुपये प्रतिमाह तय हुआ है। इन कर्मचारियों को भी एमजीबी का लाभ दो चरणों में मिलेगा, जिससे एरियर भुगतान पर कुछ असर पड़ सकता है।
विभिन्न भत्तों में भी बढ़ोतरी
वेतन समझौते के साथ कर्मचारियों को मिलने वाले विभिन्न भत्तों में भी बढ़ोतरी की गई है। समझौते की विस्तृत जानकारी बाद में टाटा वर्कर्स यूनियन की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा की गई। शुरुआत में प्रेस वार्ता की योजना नहीं थी, लेकिन अंतिम समय में वेतन वृद्धि और अन्य लाभों की जानकारी सार्वजनिक की गई।