बैठक के दौरान जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने जानकारी दी कि धान अधिप्राप्ति अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 801 किसानों से
कुल 45,235.81 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि जिले में कुल पंजीकृत किसानों की संख्या 6,336 है।
उपायुक्त ने किसान पंजीकरण की स्थिति में अपेक्षित सुधार लाने पर जोर देते हुए प्रखंड स्तर पर सतत निगरानी और नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान अधिप्राप्ति कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही प्रखंड स्तर पर संचालित योजनाओं एवं गतिविधियों की प्रभावी प्रगति के लिए संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों की स्पष्ट जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया।
बैठक में यह भी बताया गया कि जिन लैम्प्स में धान अधिप्राप्ति की प्रगति धीमी अथवा असंतोषजनक पाई गई है, उनके संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी एवं प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी को शोकॉज जारी किया गया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र सुधारात्मक प्रगति नहीं होती है, तो संबंधित पदाधिकारियों के वेतन निकासी पर रोक लगाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए धान अधिप्राप्ति लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करें, ताकि किसानों को इसका सीधा लाभ मिल सके।