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  • 2026-01-06

Jamshedpur News: मानगो में जीत महतो की पुलिस कस्टडी के दौरान मौत मामले में अर्जुन मुंडा ने NHRC को लिखा पत्र, स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग

Jamshedpur: जमशेदपुर के मानगो थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत के दौरान जीत महतो की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर सियासी और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने इस घटना को  गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन बताते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), नई दिल्ली को पत्र लिखकर मामले की स्वतंत्र और न्यायिक जांच की मांग की है। 

यह है मामल 

बता दें कि 30 दिसंबर 2025 को गोकुल नगर बस्ती निवासी जीत महतो पुलिस हिरासत में थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मौत बीमारी के कारण हुई, लेकिन परिजनों और सामाजिक संगठनों ने इस पर सवाल खड़े किए हैं।

मृतक के परिजनों से सादे कागज पर हस्ताक्षर

अर्जुन मुंडा ने अपने पत्र में कहा है कि हिरासत में किसी व्यक्ति की मौत संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और गरिमा के अधिकार का गंभीर उल्लंघन प्रतीत होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में बिना किसी स्वतंत्र जांच के केवल अप्राकृतिक मृत्यु का केस दर्ज कर औपचारिकताएं पूरी की गईं और मृतक के परिजनों से सादे कागज पर हस्ताक्षर कराकर दो लाख रुपये की राशि दे दी गई, जिसकी वैधानिक प्रक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है।

दो दिनों तक परिजनों को नहीं मिली मिलने की अनुमति 

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि गिरफ्तारी के बाद लगभग दो दिनों तक जीत महतो के परिजनों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे पुलिस हिरासत में उत्पीड़न की आशंका और गहराती है। इसी बीच मृतक की पत्नी, जो गर्भवती थीं, उन्होंने एक नवजात बच्ची को जन्म दिया। जीत महतो परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे, उनकी मौत से परिवार गहरे आर्थिक, सामाजिक और मानसिक संकट में आ गया है।

अर्जुन मुंडा को आयोग मांग 

अर्जुन मुंडा ने आयोग से मांग की है कि इस पूरे मामले में दोषी पुलिसकर्मियों और जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को मुआवजा, पुनर्वास और सुरक्षा प्रदान की जाए।

निष्पक्ष जांच का आश्वासन 

उन्होंने भरोसा जताया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग इस संवेदनशील मामले का खुद संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाएगा।
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