Potka News: राष्ट्रपति के गृह जिले को जोड़ने वाली नेशनल हाईवे-220 की करीब चार किलोमीटर सड़क पहली ही बारिश में बदहाल हो गई है. लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह सड़क 10 महीने भी नहीं चल सकी और अब जगह-जगह बड़े गड्ढे नजर आ रहे हैं. सड़क की खराब हालत को लेकर पालीडीह के ग्रामीणों में नाराजगी है. ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर संबंधित विभाग के अधिकारियों से सड़क की तत्काल मरम्मत कराने और निर्माण कार्य की जांच की मांग की.
निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क बनाने के दौरान गुणवत्ता के मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया. इसका असर अब सड़क की हालत पर साफ दिखाई दे रहा है और लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है. ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और पूरे काम की जांच कराने की मांग की है. साथ ही संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे ब्लैकलिस्ट करने की मांग भी उठाई है.
वर्षों के आंदोलन के बाद बनी थी सड़क
ग्रामीण सीताराम ने कहा कि इस सड़क के निर्माण के लिए लोगों को वर्षों तक आंदोलन करना पड़ा था. लंबे संघर्ष के बाद करीब चार किलोमीटर सड़क का निर्माण कराया गया. उन्होंने कहा कि करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क 10 महीने भी नहीं टिक पाई. ग्रामीणों का कहना है कि गरीबों की मेहनत की कमाई से मिलने वाली सरकारी राशि विकास कार्यों में लगती है, इसलिए उसका सही इस्तेमाल होना जरूरी है. ग्रामीणों ने सड़क की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.