Health: भारत में सुबह की शुरुआत बिना चाय के अधूरी मानी जाती है। दफ्तर की थकान हो या दोस्तों के साथ गपशप, चाय हर मौके का हिस्सा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह पसंदीदा आदत आपको अस्पताल के चक्कर भी लगवा सकती है, हालिया शोध और विशेषज्ञों की राय के आधार पर, हमने चाय के फायदे, नुकसान और इससे होने वाली बीमारियों पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है।
एंटी-ऑक्सीडेंट का पावरहाउस है आपकी चाय सीमित मात्रा में दिन में 1-2 कप चाय पीना औषधीय गुणों से भरपूर हो सकता है
इम्यूनिटी बूस्टर चाय में मौजूद कैटेचिन और पॉलीफेनोल्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। मस्तिष्क की सक्रियता, इसमें मौजूद कैफीन और एल-थियेनाइन एकाग्रता बढ़ाने और आलस दूर करने में मदद करते हैं। दिल की सेहत, ब्लैक टी और ग्रीन टी शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और धमनियों को स्वस्थ रखने में सहायक पाई गई हैं।
मेटाबॉलिज्म, बिना चीनी और दूध की चाय वजन घटाने और मेटाबॉलिज्म तेज करने में मदद करती है, ज्यादा चाय से होने वाली बीमारियां जब चाय का सेवन दिन में 4-5 कप से अधिक हो जाता है, तो यह शरीर के अंगों पर बुरा असर डालने लगती है, गंभीर एसिडिटी और अल्सर, खाली पेट या ज्यादा चाय पीने से पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे सीने में जलन और लंबे समय में पेट के अल्सर का खतरा रहता है।
चाय में टैनिन होता है। यह खाने से मिलने वाले आयरन को सोखने की शरीर की क्षमता को खत्म कर देता है। शाकाहारी लोगों में यह खून की कमी का सबसे बड़ा कारण है। अनिद्रा और एंग्जायटी, कैफीन की अधिक मात्रा मस्तिष्क की नसों को हमेशा उत्तेजित रखती है, जिससे नींद न आना, बेचैनी और हाथ-पांव कांपने जैसी समस्याएं होती हैं।
हड्डियों की कमजोरी बहुत ज्यादा चाय पीने से यूरिन के जरिए कैल्शियम बाहर निकलने लगता है, जिससे हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर और खोखली होने लगती हैं। किडनी स्टोन, चाय में ऑक्सालेट की मात्रा अधिक होती है, जो किडनी में पथरी बनने की संभावना को बढ़ा देती है।
लत से कैसे बचें? विशेषज्ञों की 5 गोल्डन टिप्स
चाय छोड़ना मुश्किल है, लेकिन उसे पीने का तरीका बदलकर आप बीमारियों से बच सकते हैं, खाली पेट को कहें ना सुबह उठकर पहले गुनगुना पानी पिएं या कोई फल खाएं। उसके बाद ही चाय लें। खाली पेट चाय सीधा लिवर और पेट पर वार करती है। भोजन के तुरंत बाद परहेज, खाना खाने के कम से कम एक घंटे तक चाय न पिएं, ताकि शरीर खाने के पोषक तत्वों को सोख सके। सोने का समय तय करें, रात को सोने से कम से कम 5 घंटे पहले आखिरी चाय पिएं। चाय को बार-बार न उबालें, चाय पत्ती को बहुत ज्यादा देर तक उबालने से उसमें हानिकारक टॉक्सिन्स पैदा हो जाते हैं। हर्बल विकल्पों को चुनें दूध और चीनी वाली चाय की जगह अदरक, तुलसी, दालचीनी या लेमन टी को प्राथमिकता दें।
चाय अपने आप में बुरी नहीं है, लेकिन इसे पीने का समय और मात्रा यह तय करती है कि यह आपके लिए दवा बनेगी या बीमारी। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एक स्वस्थ व्यक्ति को दिन भर में 2 कप से ज्यादा चाय नहीं पीनी चाहिए।