Seraikela News : सरायकेला टाउन में शनिवार को सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ट्रैफिक पुलिस, पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को सड़क सुरक्षा कानूनों के प्रभावी पालन, ब्रेथ एनालाइजर के उपयोग तथा सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को प्राथमिक उपचार देने का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों में कमी लाना, शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना और दुर्घटना के बाद घायलों को त्वरित राहत उपलब्ध कराना था।
ट्रैफिक पुलिस और जवानों को ब्रेथ एनालाइजर के उपयोग का दिया गया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण शिविर में ट्रैफिक प्रभारी राजू ने पुलिस अधिकारियों और जवानों को ब्रेथ एनालाइजर मशीन के सही उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शराब पीकर वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण बनता जा रहा है। ऐसे में ब्रेथ एनालाइजर के माध्यम से मौके पर ही जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जवानों को मशीन के संचालन, जांच प्रक्रिया, रिपोर्टिंग और तकनीकी सावधानियों के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया।
सड़क दुर्घटना में “गोल्डन ऑवर” के महत्व और प्राथमिक उपचार की दी गई जानकारी
इसके बाद सदर अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को “गोल्डन ऑवर” के भीतर प्राथमिक उपचार देने को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि दुर्घटना के तुरंत बाद दिया गया सही फर्स्ट एड किसी भी घायल की जान बचा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से उठाने, खून बहने की स्थिति में प्राथमिक उपचार देने, सांस रुकने पर सहायता पहुंचाने तथा एंबुलेंस आने तक जरूरी कदम उठाने की जानकारी दी गई।
डॉक्टरों ने कहा कि यदि पुलिस और आम नागरिकों को प्राथमिक उपचार की सही जानकारी हो तो सड़क हादसों में कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। इस मौके पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी समीर कुमार सवैया, पुलिस उपाधीक्षक प्रदीप उरांव, प्रशिक्षु डीएसपी पूजा कुमारी, डॉ. अनिर्मल महतो और डॉ. चंदन कुमार ने भी सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन और त्वरित चिकित्सा सहायता के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस जवानों ने ब्रेथ एनालाइजर मशीन का व्यावहारिक अभ्यास किया, जबकि डॉक्टरों की टीम ने CPR, रक्तस्राव रोकने और घायल को सुरक्षित स्थिति में रखने की प्रक्रिया का डेमो भी प्रस्तुत किया। अधिकारियों ने इसे सड़क सुरक्षा अभियान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।