Saharsa Workers Death: प्रयागराज के फाफामऊ थाना क्षेत्र स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में उस समय बड़ा हादसा हो गया, जब अचानक भवन की छत भरभराकर गिर पड़ी। उस वक्त वहां बड़ी संख्या में मजदूर काम में लगे हुए थे। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर भगदड़ और चीख-पुकार मच गई। कई मजदूर संभलने का मौका भी नहीं पा सके और मलबे के नीचे दब गए।
राहत-बचाव कार्य तेज, घायलों का इलाज जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। मलबे में फंसे मजदूरों को बाहर निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है और उनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
बिहार के मजदूरों की गई जान
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में सहरसा जिले के सलखुआ क्षेत्र के तीन मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों में बिलट चौधरी (35 वर्ष), मसिंद्र सदा (25 वर्ष) और ज्योतिष कुमार (21 वर्ष) शामिल हैं। ये सभी रोजी-रोटी के सिलसिले में प्रयागराज आए हुए थे।
कई अन्य मजदूर घायल, हालत गंभीर
इस दुर्घटना में कई अन्य मजदूर भी घायल हुए हैं। घायलों में पप्पू यादव, शिंकू यादव, अंकित कुमार, शिबू यादव, साहुल चौधरी, अमित चौधरी और आशू चौधरी शामिल हैं। सभी घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है, जहां कुछ की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
गांवों में शोक का माहौल
जैसे ही इस दर्दनाक घटना की खबर मृतकों के गांवों तक पहुंची, पूरे इलाके में मातम पसर गया। परिजन सदमे में हैं और घरों में रोने-बिलखने का माहौल है। कई परिवारों में चूल्हा तक नहीं जला। जिन मजदूरों की जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है, उनके परिजन लगातार संपर्क कर जानकारी जुटाने में लगे हैं।
मुआवजे और जांच की मांग तेज
घटना के बाद जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने और घायलों के बेहतर इलाज की मांग की है। साथ ही मृतकों के शवों को जल्द उनके गांव भेजने की भी अपील की गई है।
वहीं प्रशासन ने इस पूरे मामले की जांच के संकेत दिए हैं। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि भवन की जर्जर स्थिति या रखरखाव में लापरवाही इस हादसे की वजह हो सकती है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा।