Ranchi News : झारखंड शिक्षा विभाग ने वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता लाने और अनियमितताओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने उन क्लर्कों का दूसरे जिलों में तबादला करने का आदेश जारी किया है, जो लंबे समय से एक ही जिले या कार्यालय में कार्यरत हैं। यह निर्णय वेतन मद में फर्जी निकासी के मामलों के सामने आने के बाद लिया गया है।
फर्जी वेतन निकासी के मामलों के बाद जारी हुआ आदेश
पुलिस सहित कई विभागों में वेतन मद से फर्जी निकासी के मामले उजागर होने के बाद मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिया था कि वित्तीय लेन-देन से जुड़े ऐसे कर्मियों का तबादला किया जाए, जो लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापित हैं। इसी निर्देश के तहत शिक्षा विभाग ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों के लिए तबादला संबंधी आदेश जारी किया है।
तबादले के लिए तय किए गए स्पष्ट मानदंड, 15 दिनों में देनी होगी अनुपालन रिपोर्ट
विभाग के निर्देश के अनुसार, एक ही कार्यालय में तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत क्लर्कों का तत्काल तबादला किया जाएगा। वहीं, एक ही जिले में विभिन्न पदों पर छह वर्ष या उससे अधिक समय तक कार्य करने वाले क्लर्कों को भी दूसरे जिले में भेजा जाएगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि तबादले के बाद किसी भी कर्मचारी को दोबारा उसी पुराने पद पर प्रतिनियुक्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी विशेष परिस्थिति में इससे अलग व्यवस्था करनी हो, तो मुख्यालय से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि तबादला आदेश लागू होने के 15 दिनों के भीतर इसकी अनुपालन रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाए। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।