Ranchi News : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफिले को रोकने के मामले में हिंदुत्ववादी नेता भैरव सिंह को अदालत से बड़ी राहत मिली है। अपर न्यायायुक्त अखिलेश कुमार तिवारी की अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उन्हें बरी कर दिया।
2021 में प्रदर्शन के दौरान दर्ज हुई थी प्राथमिकी
यह मामला 4 जनवरी 2021 का है। ओरमांझी में युवती की हत्या के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा था। इसी दौरान किशोरगंज चौक से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का काफिला गुजर रहा था। आरोप था कि प्रदर्शनकारियों ने काफिले को रोककर हंगामा किया, जिसके बाद सुखदेवनगर थाना में भैरव सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
सिरकटी लाश मिलने से भड़का था जनाक्रोश
दरअसल, 3 जनवरी 2021 को ओरमांझी के जंगल से एक युवती का सिरकटा शव बरामद हुआ था। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था। बाद में मृतका की पहचान सूफिया परवीन के रूप में हुई।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सूफिया परवीन के पहले पति शेख बेलाल और उसकी दूसरी पत्नी अफसाना खातून को गिरफ्तार किया था। सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वहीं मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने से जुड़े मामले में अब भैरव सिंह को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया है।