Ranchi News : झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलने का मामला एक बार फिर सामने आया है। वेतन भुगतान में हो रही देरी से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि नियमित रूप से ड्यूटी करने के बावजूद समय पर वेतन नहीं मिलने से आर्थिक संकट गहराता जा रहा है और परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
आपातकालीन सेवा संभालने वाले कर्मियों की बढ़ी परेशानी
108 एंबुलेंस सेवा राज्य की सबसे महत्वपूर्ण आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में शामिल है। सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और अन्य आपात स्थितियों में यही सेवा सबसे पहले लोगों तक पहुंचती है। ऐसे में कर्मचारियों का कहना है कि लगातार तनाव और वेतन में देरी का असर उनके मनोबल पर पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने मांग की है कि सरकार और सेवा संचालित करने वाली एजेंसी वेतन भुगतान की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो।
पहले भी वेतन और सुविधाओं को लेकर उठ चुका है मामला
यह पहला मौका नहीं है जब 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने वेतन भुगतान का मुद्दा उठाया है। इससे पहले भी वेतन, ईपीएफ, ओवरटाइम भुगतान और अन्य सुविधाओं को लेकर कर्मचारी अपनी आवाज बुलंद कर चुके हैं। कई बार इन विवादों के कारण एंबुलेंस सेवा प्रभावित होने की स्थिति भी बनी, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कर्मचारियों का कहना है कि हर कुछ महीनों में वेतन भुगतान को लेकर उत्पन्न होने वाली समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि यदि समय पर वेतन नहीं मिला तो इससे 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर आम लोगों को मिलने वाली आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा। स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े जानकारों का भी मानना है कि इस महत्वपूर्ण सेवा की निरंतरता बनाए रखने के लिए कर्मचारियों का समय पर वेतन भुगतान और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करना आवश्यक है।