Ranchi News : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, एकजुट और पिरामल स्वास्थ्य के संयुक्त तत्वावधान में झारखंड के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए “सशक्त” कार्यक्रम की शुरुआत की गई। रांची के होटल बीएनआर चाणक्य में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम का उद्घाटन एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने किया।कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग और कई सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शशि प्रकाश झा ने कहा कि किशोरियों का बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा समाज के विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल घोषणा नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव लाना होना चाहिए।
गांव स्तर तक पहुंचेगी काउंसलिंग और स्वास्थ्य सेवाएं, डिजिटल मॉनिटरिंग पर जोर
उन्होंने बताया कि “सशक्त” कार्यक्रम के तहत गांव स्तर तक काउंसलिंग, क्लिनिकल सेवाएं और पीयर एजुकेटर मॉडल को लागू किया जाएगा। साथ ही डिजिटल तकनीक के जरिए निगरानी और डेटा प्रबंधन को भी मजबूत बनाया जाएगा।
यह कार्यक्रम चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। इसमें तकनीकी सहायता व्यवस्था को मजबूत करना, परिवार और पीयर एजुकेटर नेटवर्क को सक्रिय करना, किशोरियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करना और डिजिटल मॉनिटरिंग को बढ़ावा देना शामिल है।
पहले चरण में यह कार्यक्रम पाकुड़, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी और गुमला जिले में लागू किया जाएगा। बाद में इसे पूरे राज्य में विस्तार देने की योजना है।
कार्यक्रम के दौरान आदिवासी किशोरियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता से जुड़ी प्रेरणादायक कहानियां भी साझा की गईं।