Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-06-02

Ranchi News : जामताड़ा गैंग का नया साइबर खेल, गरीबों के आधार कार्ड से खुल रहे फर्जी बैंक खाते

Ranchi News : झारखंड में साइबर अपराध का नेटवर्क लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहा है। साइबर ठगी के लिए बदनाम जामताड़ा गैंग अब राजधानी रांची में भी सक्रिय हो गया है। ताजा जांच में खुलासा हुआ है कि अपराधी गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक खाते खुलवा रहे हैं और उन्हीं खातों के जरिए ठगी की रकम का लेन-देन कर रहे हैं।


कुछ हजार रुपये का लालच देकर हासिल किए जाते थे आधार कार्ड, तकनीकी छेड़छाड़ से तैयार होते थे फर्जी दस्तावेज


हाल ही में रांची के गोंदा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार साइबर अपराधियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच में सामने आया कि अपराधी कुछ हजार रुपये का लालच देकर गरीब लोगों से उनके आधार कार्ड हासिल कर लेते थे। इसके बाद आधार कार्ड में हेरफेर कर फर्जी पते के आधार पर बैंक खाते खोले जाते थे।

रांची के सिटी एसपी पारस राणा के अनुसार, साइबर अपराधी पहले असली आधार कार्ड को तकनीकी तरीके से संशोधित कर नकली दस्तावेज तैयार करते थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंक में नए खाते खोले जाते थे। खाता खुलने के बाद दस्तावेजों को फिर से मूल स्वरूप में बदल दिया जाता था, जिससे धोखाधड़ी का पता लगाना काफी मुश्किल हो जाता था।


बेरोजगार युवाओं को साइबर ठगी की दी जा रही ट्रेनिंग, निखिल भैया नामक सरगना की तलाश जारी


पुलिस ने ऐसे कई आधार कार्ड बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि जामताड़ा से जुड़े अपराधी रांची और आसपास के इलाकों के युवाओं को साइबर ठगी की ट्रेनिंग दे रहे हैं। आसान कमाई का लालच देकर बेरोजगार युवाओं को गिरोह से जोड़ा जाता है।

शुरुआत में युवाओं को कॉल सेंटर, ऑनलाइन मार्केटिंग या बैंकिंग सहायता जैसे वैध काम का झांसा दिया जाता है, लेकिन बाद में उन्हें फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, बैंक खाते किराये पर देने और अन्य साइबर अपराधों में शामिल कर लिया जाता है। गोंदा मामले की जांच में भी पता चला है कि गिरफ्तार युवकों को जामताड़ा के अपराधियों ने साइबर ठगी की ट्रेनिंग दी थी।

पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का कथित सरगना ‘निखिल भैया’ है, जो फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही जिन लोगों के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर बैंक खाते खोले गए हैं, उनकी भी जांच की जा रही है। यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

झारखंड में तेजी से फैल रहे इस साइबर नेटवर्क ने कानून-व्यवस्था और साइबर सुरक्षा के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज किसी भी अनजान व्यक्ति को न दें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !