Ranchi News : राज्य सरकार ने चाईबासा ट्रेजरी से वेतन मद में हुई कथित फर्जी निकासी मामले की जांच भी उच्चस्तरीय समिति को सौंप दी है। इसके साथ ही अब समिति राज्य के छह ट्रेजरी से जुड़े मामलों की जांच करेगी।
सरकार ने महालेखाकार की रिपोर्ट के आधार पर वेतन मद से हुई फर्जी निकासी की जांच के लिए IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। समिति में राज्य सरकार और महालेखाकार कार्यालय के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
पहले बोकारो और हजारीबाग की जांच मिली थी
शुरुआत में समिति को बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी से वेतन मद में हुई फर्जी निकासी की जांच की जिम्मेदारी दी गई थी। बाद में महालेखाकार की रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ा दिया गया।
अब चाईबासा ट्रेजरी से जुड़े मामले की जांच भी इसी समिति को सौंपी गई है। महालेखाकार ने सरकार को जानकारी दी थी कि चाईबासा में एसपी कार्यालय से जुड़े वेतन भुगतान में गड़बड़ी सामने आई है।
देवघर, रांची और रामगढ़ मामलों की भी जांच जारी
इससे पहले देवघर ट्रेजरी से फर्जी निकासी मामले की जांच भी समिति को दी गई थी। देवघर के सारवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वेतन मद से फर्जी निकासी का मामला सामने आया था। इस मामले में पशुपालन विभाग के कर्मचारी मुनिंद्र कुमार का नाम सामने आया था।
वहीं जिला स्तरीय जांच में रामगढ़ ट्रेजरी से भी वेतन मद में फर्जी निकासी का मामला उजागर होने के बाद सरकार ने रांची और रामगढ़ ट्रेजरी मामलों की जांच भी इसी समिति को सौंप दी।
फिलहाल उच्चस्तरीय समिति हजारीबाग, बोकारो, रांची, रामगढ़, देवघर और चाईबासा ट्रेजरी से जुड़े वेतन मद में हुई कथित फर्जी निकासी मामलों की जांच कर रही है। सरकार ने महालेखाकार की रिपोर्ट और जिला स्तरीय जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर इन सभी मामलों को समिति के दायरे में शामिल किया है।