Ranchi News : राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में पूरी तरह ऑटोमेटिक पैथोलॉजी मशीनें लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग में मेरिल कंपनी द्वारा प्रेजेंटेशन दिया गया।अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अवर सचिव धीरंजन शर्मा, मेरिल कंपनी के पदाधिकारी और सी-डैक के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में नई मशीनों की तकनीकी क्षमता और उपयोगिता की जानकारी दी गई।
50 सैंपलों की एक साथ होगी जांच
कंपनी के अनुसार नई मशीनें एक साथ 50 सैंपलों की जांच करने में सक्षम होंगी। इन्हें राज्य में पहले से मौजूद सेमी ऑटोमेटिक मशीनों की जगह लगाया जाएगा। कंपनी ने मशीनों के लिए 10 वर्षों तक मेंटेनेंस सुविधा देने की भी बात कही है।
इन मशीनों के जरिए यूरिन और ब्लड से जुड़ी लगभग सभी प्रकार की पैथोलॉजी जांचें तेज और सटीक तरीके से की जा सकेंगी। खास बात यह है कि जांच रिपोर्ट सीधे मरीजों के मोबाइल पर व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी जाएगी।
मशीन संचालन और प्रशिक्षण की जिम्मेदारी भी कंपनी पर
मशीनों के संचालन, सॉफ्टवेयर सपोर्ट और तकनीकी प्रशिक्षण की जिम्मेदारी भी कंपनी द्वारा ली जाएगी। बैठक के दौरान मशीन का लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया, जिसमें तत्काल रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया दिखाई गई।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने निर्देश दिया कि पहले चरण में सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में मशीनें स्थापित की जाएं। इसके बाद दूसरे चरण में इन्हें सीएचसी और पीएचसी स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 15 जून 2026 तक सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में मशीनें स्थापित कर दी जाएंगी और उसी दिन इसका औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।