Ranchi: रांची स्थित रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) प्रबंधन के संज्ञान में सोशल मीडिया के माध्यम से एक गंभीर मामला आया है। आरोप है कि अस्पताल में भर्ती एक मरीज को कथित तौर पर एक्सपायरी दवा दे दी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए रिम्स प्रशासन ने तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके।
स्टॉक और दवा वितरण प्रक्रिया की भी होगी जांच
प्रबंधन की ओर से बताया गया है कि यह जांच की जाएगी कि संबंधित मरीज को किन परिस्थितियों में उक्त दवा दी गई। साथ ही अस्पताल के दवा भंडार (स्टॉक) और वितरण प्रणाली की भी व्यापक समीक्षा की जा रही है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कहीं दवाओं के रख-रखाव या वितरण में कोई चूक तो नहीं हुई।
यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही, त्रुटि या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित कर्मचारी या अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने मरीज से की मुलाकात, स्थिति पर नजर
इधर, चिकित्सा अधीक्षक, अपर चिकित्सा अधीक्षक और उपाधीक्षक ने इलाज कर रहे डॉक्टर के साथ ब्रेन हैमरेज से पीड़ित मरीज से मुलाकात की। उन्होंने मरीज की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और परिजनों से भी बातचीत की।
इलाज कर रहे चिकित्सक ने बताया कि संबंधित दवा दिए जाने के बाद मरीज की स्थिति में किसी प्रकार का प्रतिकूल बदलाव नहीं पाया गया है। मरीज का उपचार विशेषज्ञों की निगरानी में लगातार जारी है और उसकी हालत पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
भविष्य में पुनरावृत्ति रोकने के लिए कदम
रिम्स प्रबंधन ने दोहराया है कि संस्था गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित उपचार के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
अस्पताल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार करें। जांच पूरी होने के बाद तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे।