Ranchi: रांची के ओरमांझी थाना क्षेत्र में एक व्यवसायी से टीपीसी संगठन के नाम पर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। यह मामला 17 अप्रैल 2026 का है, जब अज्ञात उग्रवादियों द्वारा धमकी देकर रकम की मांग की गई थी। इस संबंध में ओरमांझी थाना में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया।
छापेमारी में दो उग्रवादी गिरफ्तार, भागने की कोशिश नाकाम
वरीय पुलिस अधीक्षक रांची के निर्देश पर गठित टीम ने तकनीकी शाखा की मदद से ईरबा गोलचक्कर के पास शालीमार नर्सरी के नजदीक छापेमारी की। इस दौरान संदिग्ध हालत में खड़े दो लोगों को पकड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगे। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें खदेड़कर पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम समरित गंझू उर्फ मलिंगा उर्फ अरुण और सोनू उरांव उर्फ सन्नी बताया।
हथियार और धमकी से जुड़े सामान बरामद
गिरफ्तार समरित गंझू के पास से तलाशी के दौरान एक देशी कट्टा, एक मैगजीन, दो मोबाइल फोन, एक राउटर, दो सिम कार्ड (जिसमें धमकी देने में उपयोग किया गया सिम भी शामिल है), एक पावर बैंक और चार डाटा केबल बरामद किए गए। पुलिस ने सभी सामान को जब्त करते हुए दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में कई जिलों में लेवी मांगने की बात स्वीकार
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे ओरमांझी क्षेत्र के साथ-साथ हजारीबाग, रामगढ़ और चतरा के व्यवसायियों को भी धमकी देकर लेवी वसूलने का काम करते थे। इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामले में अलग से एक और केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुख्य आरोपी पर पहले से कई मामले दर्ज
गिरफ्तार समरित गंझू उर्फ मलिंगा उर्फ अरुण का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उस पर पहले से ही मांडू, पिपरवार और पतरातु (भुरकुंडा) थाना क्षेत्रों में रंगदारी, धमकी और शस्त्र अधिनियम से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है और मामले की गहन जांच जारी है।