Ranchi News: मानसून आने में कुछ ही दिन बाकी हैं और हर साल की तरह इस बार भी बारिश से पहले रांची नगर निगम ने नालों की सुध लेना शुरू कर दिया है. शहर में जलजमाव और नालों से जुड़े हादसों को रोकने के लिए निगम ने बड़े नालों पर हुए अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान शुरू किया है.
नगर निगम की टीम ने कोकर, महावीर नगर, खोरहा टोली और बांधगाड़ी जैसे संवेदनशील इलाकों को चिन्हित करते हुए नालों की सफाई और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की है.
नालों पर बना दिए गए हैं अवैध निर्माण
शनिवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने अधिकारियों के साथ इन इलाकों का निरीक्षण किया. इस दौरान कई जगह नालों पर अतिक्रमण, निर्माण सामग्री और अवैध स्लैब बनाए जाने की बात सामने आई.
निरीक्षण में पाया गया कि कई स्थानों पर नालों को संकरा कर दिया गया है, जिससे बारिश के समय पानी की निकासी प्रभावित हो सकती है. ऐसे में जलजमाव के साथ-साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है.
नगर आयुक्त ने कोकर चौक स्थित सैम्फोर्ड अस्पताल के आसपास, महावीर नगर, खोरहा टोली और बांधगाड़ी इलाके में नालों की स्थिति देखी और अधिकारियों को अतिक्रमण चिन्हित कर हटाने का निर्देश दिया.
पहले भी हो चुकी हैं नालों में हादसे
महावीर नगर और खोरहा टोली जैसे इलाकों में पहले भी नालों में गिरने और बहने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इसके बावजूद कई जगह नालों की सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमित नहीं हो सकी.
अब मानसून से ठीक पहले निगम ने नालों की मापी, सफाई और अवरोध हटाने का काम तेज कर दिया है.
सड़क पर बहाया जा रहा गंदा पानी, लगेगा जुर्माना
निरीक्षण के दौरान कई भवनों से सीधे सड़क और नालियों में गंदा पानी छोड़े जाने की भी बात सामने आई. कई जगह नालियों के ऊपर सीमेंट स्लैब और अवैध निर्माण कर दिए गए हैं, जिससे सफाई में परेशानी आती है. नगर निगम ने ऐसे लोगों पर कार्रवाई और जुर्माना लगाने का निर्देश दिया है.
बांधगाड़ी में जल निकासी सुधारने की तैयारी
बांधगाड़ी क्षेत्र में हर साल होने वाले जलजमाव को देखते हुए निगम की अभियंत्रण शाखा को नालियों के डेल्टा प्वाइंट चौड़े करने और पानी के बहाव में बाधा बने अवरोध हटाने को कहा गया है.
साथ ही उन जगहों की पहचान की जा रही है जहां बारिश के दौरान सबसे ज्यादा पानी जमा होता है.
नगर आयुक्त ने बताया कि बड़े नालों से गाद निकालकर उनकी जल वहन क्षमता बढ़ाई जा रही है. झाड़ियों और घास को हटाने का काम भी चल रहा है. ड्रोन मैपिंग और सर्वे के दौरान कई स्थानों पर अतिक्रमण चिन्हित हुए हैं, जिन पर नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
हालांकि शहरवासियों का सवाल है कि जब नालों पर वर्षों से कब्जे हैं और हर मानसून में वही समस्या दोहराती है, तो कार्रवाई बारिश शुरू होने से ठीक पहले ही क्यों होती है. अब देखना होगा कि निगम का यह अभियान इस बार जलजमाव की समस्या को कितना कम कर पाता है.