शिकायत के बाद बदली जांच की दिशा
जानकारी के अनुसार, दो महीने पहले बंद्रा पहाड़िया की मौत को सड़क पर गिरने से हुई दुर्घटना बताया गया था. उस समय परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना अंतिम संस्कार कर शव को दफना दिया था और फिर बाद में परिवार ने लिखित आवेदन देकर दावा किया कि मौत सामान्य हादसा नहीं थी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई. गांव के कुछ लोगों ने भी हत्या की आशंका जताई, जिसके बाद मामले की दोबारा जांच शुरू हुई.
मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र खोदकर निकाला गया शव
परिजनों की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम से संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया. मंगलवार को मजिस्ट्रेट की निगरानी में लिट्टीपाड़ा पुलिस ने कब्र खुलवाकर शव बाहर निकाला. लगभग दो महीने तक जमीन में दबा रहने के कारण शव काफी खराब स्थिति में मिला. इसके बाद चिकित्सकों की सलाह पर शव को विस्तृत पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी अगली कार्रवाई
फिलहाल पुलिस ने मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. पुलिस का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सभी पहलुओं से जांच जारी है.