NRHM Scam Cas: NRHM की राशि में कथित गबन के मामले में आरोपी प्रमोद कुमार सिंह उर्फ प्रमोद सिंह को झारखंड हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है. अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी. यह मामला धनबाद ACB थाना कांड संख्या 15/2019 से जुड़ा है. प्रमोद कुमार सिंह NRHM में ब्लॉक अकाउंट मैनेजर के तौर पर संविदा पर काम करते थे.
गवाहों को प्रभावित करने की आशंका
हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी पर 4.16 करोड़ रुपये से अधिक के गबन का गंभीर आरोप है. मामले में अभी महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही बाकी है. अदालत ने माना कि ऐसी स्थिति में आरोपी के बाहर आने पर गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
6 फरवरी से जेल में हैं प्रमोद सिंह
बचाव पक्ष ने बताया कि प्रमोद कुमार सिंह 6 फरवरी 2026 से जेल में हैं. 2 मई 2026 को मामले में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है. बचाव पक्ष ने इसी आधार पर जमानत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने फिलहाल इसे स्वीकार नहीं किया.
ACB ने बताया फंड में हुई बड़ी गड़बड़ी
ACB ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि NRHM के तहत केंद्र से 11 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि मिली थी. जांच एजेंसी के मुताबिक, इसमें करीब 6.97 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है. ACB का दावा है कि कथित तौर पर 4.16 करोड़ रुपये से अधिक की रकम प्रमोद सिंह, उनके रिश्तेदारों और दोस्तों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई. इन्हीं आरोपों और गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका को देखते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल जमानत देने से इनकार कर दिया.