Jharkhand News : पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के बस स्टैंड रोड में 2 अप्रैल की रात समीर उर्फ गुड्डू खलीफा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि, घटना के तुरंत बाद आरोपी इसराइल आजाद उर्फ मिंटू ने ही सबसे पहले पुलिस को सूचना दी थी और मामले को दूसरी दिशा देने का प्रयास किया।प्राप्त जानकारी के अनुसार चनवारी इलाके में जमीन को लेकर समीर और मिंटू के बीच विवाद चल रहा था। दोनों पहले जमीन का कारोबार साथ मिलकर करते थे और इसमें दो अन्य पार्टनर भी शामिल थे। पुलिस उन पार्टनरों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार, मिंटू ने पहले अपराधियों को बुलाकर अपने ऑफिस की रेकी कराई थी और इसके बाद समीर की हत्या के लिए दो लाख रुपये की सुपारी दी गई थी।
मुख्य आरोपी ने ही पुलिस को दी थी सूचना, गुमराह करने की कोशिश
इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें फैज खान को पांकी-तरहसी बॉर्डर इलाके में मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया था। वहीं अन्य आरोपियों आदर्श कुमार उर्फ धोनी, तारिक साह उर्फ मन्नान, इसराइल आजाद उर्फ मिंटू डाला और शहजाद आलम उर्फ विक्की राइन को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो हथियार, जिंदा कारतूस, 39,400 रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद की है। गिरफ्तार सभी आरोपियों पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने के लिए इस हत्याकांड को वर्ष 2012 के लाडले हसन उर्फ लड्डू खान हत्याकांड से जोड़ने की कोशिश की गई थी, लेकिन जांच में यह दावा गलत साबित हुआ। फिलहाल पुलिस जमीन विवाद और पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।