Jharkhand News: वर्ष 2010 के चर्चित करोड़ों रुपये के अलकतरा घोटाला मामले में मंगलवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई. दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखते हुए निर्णय सुनाने के लिए 4 जुलाई 2026 की तारीख निर्धारित की है. मामले में सीबीआई की ओर से लोक अभियोजक खुशबू जायसवाल ने पक्ष रखा.
अब दो आरोपी ही कर रहे हैं ट्रायल का सामना
इस मामले में क्लासिक कोल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक दिलीप कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक पवन कुमार सिंह, रोड कंस्ट्रक्शन डिवीजन (आरसीडी), जमशेदपुर के तत्कालीन सहायक अभियंता अनिल कुमार वर्मा और जूनियर इंजीनियर सुरेश शर्मा के खिलाफ मुकदमा चल रहा था.
हालांकि, सुनवाई के दौरान प्रबंध निदेशक पवन कुमार सिंह और तत्कालीन सहायक अभियंता अनिल कुमार वर्मा का निधन हो चुका है. ऐसे में वर्तमान में केवल दिलीप कुमार सिंह और सुरेश शर्मा ही इस मामले में ट्रायल का सामना कर रहे हैं.
47 फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये की निकासी का आरोप
यह मामला चक्रधरपुर-खरसावां के 1.506 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य से जुड़ा है, जो रोड कंस्ट्रक्शन डिवीजन (आरसीडी), जमशेदपुर के अधीन कराया गया था. आरोप है कि निर्माण कार्य के नाम पर 47 फर्जी बिल तैयार कर करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की गई थी.
कार्यपालक अभियंता की शिकायत पर खुला था मामला
घोटाले का खुलासा आरसीडी, जमशेदपुर के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार ने किया था. उन्होंने वित्तीय अनियमितताओं की जानकारी सीबीआई को दी, जिसके बाद जांच शुरू हुई. जांच में क्लासिक कोल कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. के निदेशक दिलीप कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक पवन कुमार सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता अनिल कुमार वर्मा और जूनियर इंजीनियर सुरेश शर्मा की संलिप्तता सामने आई.
2010 में दर्ज हुआ था केस
सीबीआई ने 16 फरवरी 2010 को आरसी-3(ए)/2010-आर कांड संख्या के तहत मामला दर्ज किया था. इसके बाद 22 अप्रैल 2011 को चार्जशीट दाखिल की गई, जबकि 5 दिसंबर 2018 को आरोप तय किए गए. वर्षों तक चली गवाही और सुनवाई पूरी होने के बाद अब अदालत ने इस बहुचर्चित मामले में फैसला सुनाने के लिए 4 जुलाई 2026 की तारीख तय की है.