Jamshedpur ISKCON: जमशेदपुर के इस्कॉन कदमा मंदिर में भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा का स्नान पूर्णिमा महोत्सव मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के साथ आयोजित किया गया. महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाअभिषेक, हरिनाम संकीर्तन और आध्यात्मिक प्रवचनों में भाग लिया. आयोजन के समापन के साथ ही आगामी रथयात्रा महोत्सव की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं.
स्नान पूर्णिमा के आध्यात्मिक महत्व पर दिया संदेश
महोत्सव के दौरान मुख्य वक्ता एच.जी. बलदेव विद्याभूषण प्रभु ने स्नान पूर्णिमा के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि इस दिन भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा का पवित्र जल से महाअभिषेक किया जाता है. इसके बाद भगवान कुछ दिनों तक विश्राम की लीला करते हैं और फिर नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हुए रथयात्रा में शामिल होते हैं.
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भगवान जगन्नाथ संपूर्ण मानवता के कल्याण और समान भाव के प्रतीक हैं. साथ ही श्रद्धालुओं से भक्ति, सेवा, हरिनाम संकीर्तन और श्रीकृष्ण चेतना को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया.
हरिनाम संकीर्तन से भक्तिमय बना मंदिर परिसर
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण संकर्षण प्रभु और मायापुर कीर्तन टीम की प्रस्तुति रही. उनके नेतृत्व में हुए हरिनाम संकीर्तन के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिरस में डूब गया. मृदंग और करताल की धुन पर श्रद्धालु लंबे समय तक भजन-कीर्तन में शामिल रहे और हरे कृष्ण महामंत्र का सामूहिक संकीर्तन किया गया.
आयोजन के दौरान महाअभिषेक सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए. पूरे कार्यक्रम में भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया.
रथयात्रा महोत्सव की तैयारियों में जुटी आयोजन समिति
स्नान पूर्णिमा महोत्सव के समापन के बाद इस्कॉन कदमा की आयोजन समिति, स्वयंसेवकों और भक्तों ने आगामी रथयात्रा की तैयारियों को गति दे दी है. रथ निर्माण, सजावट, नगर संकीर्तन, महाप्रसाद वितरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का कार्य तेजी से किया जा रहा है.
इस्कॉन कदमा के पदाधिकारियों ने महोत्सव को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, सेवकों और भक्तों का आभार व्यक्त किया. साथ ही नगरवासियों से अपील की कि वे परिवार सहित रथयात्रा महोत्सव में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन, हरिनाम संकीर्तन और महाप्रसाद का लाभ प्राप्त करें.