Jharkhand News: झारखंड में पेसा नियमावली को लेकर उठ रहे सवालों और भ्रम को दूर करने के लिए राज्य सरकार पहल करेगी. पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा है कि नियमावली को लेकर जो भी शंकाएं हैं, उन्हें स्पष्ट किया जाएगा और संबंधित पक्षों के सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा. सरायकेला-खरसावां के ग्राम प्रधान महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से मुलाकात कर पेसा नियमावली लागू करने के फैसले का स्वागत किया. इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ग्राम प्रधानों से जुड़े कई मुद्दों और सुझावों को मंत्री के सामने रखा.
ग्राम सभाओं को अधिकार देना है पेसा का उद्देश्य
मंत्री ने कहा कि पेसा नियमावली का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों के अनुसार मजबूत बनाना है. इसके तहत स्थानीय संसाधनों के प्रबंधन और निर्णय प्रक्रिया में ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासी समाज की परंपराओं और ग्राम स्वशासन की व्यवस्था को मजबूती देने के लिए प्रतिबद्ध है.
मांगों पर संवेदनशीलता से होगा विचार
दीपिका पांडेय सिंह ने ग्राम प्रधानों को आश्वासन दिया कि उनकी जायज मांगों और सुझावों पर सरकार संवेदनशीलता के साथ विचार करेगी. उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए सभी पक्षों के साथ समन्वय बनाया जाएगा.