Jharkhand: केंद्र सरकार द्वारा गरीब और जरूरतमंद परिवारों को जन वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से हर महीने मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए राशन कार्ड होना जरूरी होता है, जिसके जरिए लाभुक अपने नजदीकी पीडीएस दुकानों से अनाज प्राप्त करते हैं। लेकिन हाल के समय में यह पाया गया कि बड़ी संख्या में कार्डधारी नियमित रूप से राशन नहीं उठा रहे हैं, जिससे व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
छह महीने तक राशन नहीं लेने वालों पर कार्रवाई
सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि जो लाभुक लगातार छह महीने तक राशन का उठाव नहीं करेंगे, उनके राशन कार्ड को निष्क्रिय मानते हुए रद्द किया जा सकता है। अब इस निर्देश को सख्ती से लागू किया जा रहा है और ऐसे कार्डधारियों को सूची से हटाया जा रहा है।
राज्य में 4 लाख से अधिक राशन कार्ड रद्द
झारखंड में इस अभियान के तहत अब तक 4 लाख से ज्यादा राशन कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। यह कार्रवाई उन लाभुकों के खिलाफ की गई है, जिन्होंने लंबे समय से पीडीएस दुकानों से राशन नहीं लिया। विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि कुल कार्डधारियों में से लगभग 75 प्रतिशत लोग कई महीनों से राशन नहीं उठा रहे थे।
हर महीने राशन लेना अनिवार्य
सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि राशन कार्ड को सक्रिय बनाए रखने के लिए हर महीने राशन लेना जरूरी है। यदि कोई लाभुक लंबे समय तक राशन नहीं लेता है, तो उसे निष्क्रिय श्रेणी में डाल दिया जाता है और बाद में उसका नाम सूची से हटा दिया जाता है।
प्रवासी मजदूरों के कारण भी बढ़ी संख्या
अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में ऐसे लाभुक हैं, जो रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में चले जाते हैं। इस वजह से वे अपने गृह जिले में नियमित रूप से राशन नहीं उठा पाते, जिससे उनके कार्ड निष्क्रिय हो जाते हैं। यह भी एक प्रमुख कारण है कि ‘साइलेंट’ राशन कार्डों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला में भी बड़े पैमाने पर नाम कटे
यदि जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें, तो पूर्वी सिंहभूम में करीब 1 लाख 67 हजार से अधिक राशन कार्डधारियों के नाम सूची से हटाए गए हैं। वहीं सरायकेला जिले में भी 32,947 लाभुकों के राशन कार्ड रद्द किए गए हैं।
8 लाख ‘साइलेंट’ राशन कार्ड चिन्हित
केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में करीब 8 लाख ऐसे राशन कार्ड हैं, जिन्हें ‘साइलेंट कार्ड’ माना जा रहा है। यानी इन कार्डधारियों ने लंबे समय से राशन नहीं लिया है। ऐसे कार्डों पर भी जल्द कार्रवाई की जा सकती है, क्योंकि विभाग के पास इनके सक्रिय होने की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
1.55 लाख कार्डों की जांच अभी जारी
फिलहाल राज्य में करीब 1,55,142 राशन कार्ड ऐसे हैं, जिनकी जांच प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। यदि जांच के दौरान इनमें भी अनियमितता या निष्क्रियता पाई जाती है, तो इनके नाम भी सूची से हटा दिए जाएंगे।
जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने की कोशिश
सरकार का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राशन का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद लाभुकों तक ही पहुंचे। निष्क्रिय और फर्जी कार्डों को हटाकर व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में यह कदम उठाया गया है।
इस कार्रवाई के बाद उन लाभुकों को सतर्क रहने की जरूरत है, जो नियमित रूप से राशन नहीं उठा रहे हैं, अन्यथा उनका नाम भी सूची से हटाया जा सकता है।