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  • 2026-04-24

Jharkhand News: झारखंड ट्रेजरी वेतन घोटाले की जांच तेज, आईजी पंकज कंबोज के नेतृत्व में SIT गठित

Jharkhand News: झारखंड के सरकारी खजाने (ट्रेजरी) से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी के वेतन घोटाले ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार के निर्देश पर सीआईडी ने कमान संभाल ली है. आईजी पंकज कंबोज के नेतृत्व में नौ सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जिसने फाइलों और डिजिटल दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया है. यह टीम मुख्य रूप से घोटाले के आपराधिक पहलुओं, फर्जी दस्तावेजों के खेल और इस सिंडिकेट में शामिल सफेदपोश चेहरों को बेनकाब करने का काम करेगी.

दो-स्तरीय जांच से कसेगा भ्रष्टाचार पर शिकंजा
घोटाले की जड़ तक पहुंचने के लिए सरकार ने दोहरे मोर्चे पर रणनीति बनाई है. जहां आईजी पंकज कंबोज की टीम अपराधियों की धर-पकड़ करेगी, वहीं दूसरी ओर आईएएस अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में वित्त विभाग की उच्च स्तरीय कमेटी तकनीकी खामियों की जांच करेगी. यह कमेटी विशेष रूप से इस बात की पड़ताल करेगी कि ट्रेजरी के जिस सॉफ्टवेयर को सुरक्षित माना जाता था, उसमें ऐसी कौन सी सेंध थी जिसका फायदा घोटालेबाजों ने उठाया. इन दोनों रिपोर्टों के आधार पर विभाग में बड़े बदलाव और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है.

सॉफ्टवेयर और नेक्सस पर एसआईटी की पैनी नजर
एसआईटी की जांच का दायरा केवल फाइलों तक सीमित नहीं है. तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से इस बात का पता लगाया जा रहा है कि ट्रेजरी सॉफ्टवेयर की सुरक्षा में चूक कहां हुई. जांच का मुख्य केंद्र यह है कि क्या यह घोटाला केवल कुछ क्लर्कों की मिलीभगत है या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित नेक्सस काम कर रहा है. जांच दल उन फर्जी बैंक खातों की कुंडली भी खंगाल रहा है जिनमें करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए, ताकि यह साफ हो सके कि कट कमीशन का यह खेल कितने समय से और किन स्तरों पर चल रहा था.

पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए कड़े कदम
इस हाई-प्रोफाइल जांच का उद्देश्य न केवल दोषियों को सजा दिलाना है, बल्कि भविष्य में सरकारी धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है. ट्रेजरी से वेतन के नाम पर हुई इस सेंधमारी ने वित्त विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आईजी पंकज कंबोज के नेतृत्व में गठित एसआईटी अब डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि खजाने के साथ धोखाधड़ी करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही इस घोटाले की पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी.
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