Jharkhand News: ग्रामीण विकास विभाग में विभिन्न प्रशाखाओं के कार्य वितरण को लेकर अंदरूनी असहमति सामने आई है. विभागीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर काफी देर तक चर्चा और नाराजगी का माहौल बना रहा. कई प्रशाखा पदाधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं.
जानकारी के अनुसार विभाग की कई अहम शाखाओं की जिम्मेदारी एक ही अधिकारी को दिए जाने पर अन्य अधिकारियों ने सवाल उठाए हैं. विभाग में कुल 14 प्रशाखाएं कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से प्रशासनिक, वित्तीय और विकास से जुड़े अलग-अलग काम संचालित किए जाते हैं.
सूत्रों के मुताबिक पिंटु कुमार को प्रशाखा-1, 2, 4 और 5 की जिम्मेदारी सौंपी गई है. हालांकि प्रशाखा-4 और 5 के कुछ कार्य अन्य अधिकारियों के बीच भी बांटे गए हैं. इसी को लेकर विभाग के भीतर असंतोष की स्थिति बनी हुई है.
प्रशाखा-1 मुख्यालय में कार्यरत नियमित, संविदा और प्रतिनियुक्ति कर्मचारियों की स्थापना संबंधी मामलों को देखती है. वहीं प्रशाखा-2 दक्षिणी छोटानागपुर, कोल्हान प्रमंडल और गढ़वा जिले से जुड़े कर्मचारियों के शिकायत, निगरानी और अनुश्रवण कार्यों से संबंधित है.
इसके अलावा प्रशाखा-4 के तहत उप-विकास आयुक्त सह मुख्य परियोजना पदाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारियों के तबादले, पदस्थापन और प्रखंड भवन निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं. इस शाखा के कुछ कार्य अरविंद कुमार को भी सौंपे गए हैं, जिनमें कार्यालय सुदृढ़ीकरण और मरम्मत संबंधी जिम्मेदारियां शामिल हैं.
प्रशाखा-5 में विभागीय बजट, राज्य योजना, स्थापना व्यय, अनुपूरक बजट और उपलब्धि प्रतिवेदन से जुड़े कार्य आते हैं. यह जिम्मेदारी भी पिंटु कुमार को दी गई है. वहीं केंद्र प्रायोजित योजनाओं, नीति आयोग, आकांक्षी जिला कार्यक्रम, पीएफएमएस और आउटकम बजट जैसे कार्य अतुल तिर्की को सौंपे गए हैं.
कार्य विभाजन को लेकर विभागीय पदाधिकारियों के बीच चर्चा तेज है. कई अधिकारी इसे संतुलित व्यवस्था नहीं मान रहे हैं, जबकि विभाग की ओर से इस पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.