BREAKING: बोकारो के चर्चित ट्रेजरी घोटाले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. तीन दिन की रिमांड पर लिए गए अकाउंटेंट कौशल पांडे से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. जांच एजेंसियों के अनुसार उसने घोटाले में कई लोगों की संलिप्तता और कमीशन के लेनदेन की बात स्वीकार की है.
पूछताछ में कौशल पांडे ने बताया कि फर्जी निकासी का पूरा खेल संगठित तरीके से चलाया जा रहा था. उसने दावा किया कि अवैध रूप से निकाली गई रकम का हिस्सा अलग-अलग स्तरों पर बांटा जाता था, जिसके कारण लंबे समय तक यह गड़बड़ी पकड़ में नहीं आई.
मामले की जांच कर रही टीम ने तीसरे दिन भी उससे कई घंटों तक पूछताछ की. साइबर थाना में डीएसपी नेहा बाला और इंस्पेक्टर नरेश सिन्हा ने उससे वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों में हेरफेर और अन्य संदिग्ध गतिविधियों को लेकर सवाल किए. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ से कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं.
जांच में यह भी सामने आया है कि कौशल पांडे बोकारो पुलिस कार्यालय में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत था. आरोप है कि उसने ई-कुबेर बिल मैनेजमेंट सिस्टम में मृत और रिटायर्ड कर्मियों के दस्तावेजों में बदलाव कर नवंबर 2023 से मार्च 2026 के बीच 63 बार अवैध भुगतान कराया. फिलहाल मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है.