Jharkhand News: झारखंड के गांवों में स्वरोजगार और तरक्की के नए रास्ते खोजने के लिए राज्य सरकार अब आधुनिक तौर-तरीकों को अपनाने जा रही है. इसी कड़ी में महिला एवं बाल विकास समिति की महिला सदस्यों ने विधायक कल्पना सोरेन की अगुवाई में पुणे के उराली कंचन में संचालित "बीएआइएफ डेवलपमेंट रिसर्च फाउंडेशन" के मुख्य दफ्तर का दौरा किया. झारखंड की इस टीम ने वहां बने रूरल इनोवेशन सेंटर का बारीकी से मुआयना किया ताकि गांवों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने वाले देश के सबसे सफल जमीनी प्रयोगों को समझा जा सके.
कम लागत में किसानों की आमदनी दोगुनी करने वाले प्रोजेक्ट्स पर रहा जोर
इस विशेष अध्ययन यात्रा के दौरान विधायी दल ने पशुओं की नस्ल सुधारने की तकनीकों, अधिक मुनाफा देने वाली आधुनिक खेती (हाई-वैल्यू एग्रीकल्चर) और ग्रामीण समुदायों को आपस में जोड़ने वाले प्रोजेक्ट्स का निरीक्षण किया. झारखंड की इस टीम ने तकनीकी विशेषज्ञों से बातचीत कर यह समझने की कोशिश की कि कैसे बहुत कम संसाधनों और सीमित खर्च में भी गांवों में रहने वाले गरीब परिवारों की कमाई को काफी ज्यादा बढ़ाया जा सकता है.
झारखंड के सुदूर इलाकों में लागू किए जाएंगे पुणे के सफल तकनीकी प्रयोग
संस्थान के बेहतरीन कार्यों को देखने के बाद विधायक कल्पना सोरेन ने कहा कि गांवों के विकास और कृषि क्षेत्र में इस संस्था द्वारा तैयार किए गए मॉडल वाकई सीखने योग्य हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि इन तकनीकी प्रयोगों और व्यावहारिक अनुभवों को अपनाकर झारखंड के आदिवासी व ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की आजीविका को सुधारा जा सकता है, जिससे राज्य में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे.
सीमित संसाधनों के बेहतर उपयोग से बदलेगी प्रदेश के गांवों की आर्थिक स्थिति
इस दौरे का मुख्य मकसद पुणे के इस सफल ग्रामीण मॉडल के आधार पर झारखंड के सुदूर क्षेत्रों के लिए एक नई विकास नीति तैयार करना है. महिला एवं बाल विकास समिति इन आधुनिक तकनीकों को झारखंड की स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से ढालकर लागू करने की योजना बना रही है, ताकि ग्रामीण महिलाओं और किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके.