Jharkhand High Court: बोकारो के वर्ष 1999 के गैंगरेप मामले में उम्रकैद की सजा भुगत रहे दोषी युनुस अंसारी को झारखंड हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है. अदालत ने समय से पहले रिहाई की उसकी याचिका खारिज कर दी.
न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अदालत में मामले की सुनवाई हुई. युनुस अंसारी की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि वह 24 साल दो महीने से अधिक समय जेल में बिता चुका है. इसी आधार पर उसने प्रीमैच्योर रिलीज का लाभ देने की मांग की थी. अदालत ने उसकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज कर दी.
यह मामला 5 अप्रैल 1999 का है. आरोप है कि बोकारो स्टील प्लांट के एक वरिष्ठ अधिकारी की 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी का अपहरण कर उसे बोकारो के भर्रा इलाके में ले जाया गया, जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया. घटना के बाद आरोपियों ने उसे मृत समझकर वहीं छोड़ दिया था.
इस वारदात ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था. घटना के बाद पीड़िता गहरे मानसिक आघात में चली गई थी. न्यायिक प्रक्रिया के दौरान कुछ वर्षों बाद उसकी मृत्यु हो गई.
मामले में मई 2004 में बोकारो की निचली अदालत ने 21 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. बाद में वर्ष 2015 में झारखंड हाईकोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर 14 दोषियों की सजा को बरकरार रखा. अब हाईकोर्ट ने युनुस अंसारी की समयपूर्व रिहाई की मांग भी अस्वीकार कर दी है.