Jamshedpur News: जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को यात्री सुविधाओं की पोल खुल गई. स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर लगा एस्केलेटर दोपहर तक बंद रहने के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और भारी सामान लेकर चलने वाले यात्रियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. एस्केलेटर के अचानक बंद होने से सैकड़ों यात्रियों को मजबूरी में सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ा, जिससे प्लेटफार्म पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.
रखरखाव या तकनीकी खराबी पर संशय
एस्केलेटर बंद होने के पीछे दो अलग-अलग कारण सामने आ रहे हैं. जहां एक ओर चर्चा है कि एस्केलेटर में कोई तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसकी मरम्मत में कर्मचारी जुटे थे, वहीं विभागीय सूत्रों का कहना है कि नियमित मेंटेनेंस और ग्रीसिंग के लिए इसे कुछ घंटों के लिए बंद किया गया था. हालांकि, इस दौरान यात्रियों के पास लिफ्ट का विकल्प मौजूद था, लेकिन भारी भीड़ के मुकाबले लिफ्ट की क्षमता कम होने के कारण वह नाकाफी साबित हुई.
प्लेटफार्म नंबर 2 और 3 पर भी सुविधा बदहाल
यात्रियों की शिकायत केवल प्लेटफार्म नंबर एक तक सीमित नहीं रही. प्लेटफार्म नंबर 2 और 3 पर भी एस्केलेटर अक्सर बंद रहने की खबरें हैं. परेशान होकर एक यात्री ने स्टेशन की शिकायत पुस्तिका में अपनी नाराजगी दर्ज कराई और रेल अधिकारियों से इस दिशा में ठोस कदम उठाने का आग्रह किया. शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग हरकत में आया और एस्केलेटर को तत्काल प्रभाव से शुरू करने के निर्देश जारी किए गए.
रेलवे स्टेशनों पर एस्केलेटर जैसी सुविधाएं यात्रियों के सफर को सुगम बनाने के लिए लगाई जाती हैं, लेकिन इनका बार-बार बंद होना प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाता है. यदि यह नियमित मेंटेनेंस था, तो इसकी सूचना पहले से प्रसारित की जानी चाहिए थी या वैकल्पिक व्यवस्था मजबूत रखनी चाहिए थी. टाटानगर जैसे ए-वन श्रेणी के स्टेशन पर, जहां रोजाना हजारों यात्रियों का आवागमन होता है, लिफ्ट और एस्केलेटर का फेल होना न केवल यात्रियों की परेशानी बढ़ाता है बल्कि आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा के लिहाज से भी जोखिम भरा हो सकता है. रेलवे प्रशासन को मेंटेनेंस के लिए “ऑफ-पीक ऑवर्स” (जब भीड़ कम हो) का चुनाव करना चाहिए ताकि आम जनता को कम से कम असुविधा हो.