Jamshedpur News: टाटानगर रेल सिविल डिफेंस की ओर से इलेक्ट्रिक लोको पायलट ट्रेनिंग सेंटर में रिफ्रेशर लोको पायलटों और सहायक लोको पायलटों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सर्पदंश को राज्य विशिष्ट आपदा के रूप में समझाते हुए विषैले और विषहीन सांपों की पहचान, प्राथमिक सुरक्षा और जागरूकता संबंधी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में चक्रधरपुर मंडल के टाटानगर, राउरकेला, झारसुगुड़ा, डोंगवापोशी, खड़गपुर, आद्रा, बोकारो और रांची समेत विभिन्न स्थानों के रेलकर्मियों ने भाग लिया।
सर्पदंश पर मुआवजा और बचाव के नियम बताए गए
सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भारत सरकार ने इसे राज्य विशिष्ट आपदा का दर्जा दिया है। झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में सर्पदंश से मौत होने पर पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाती है। उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार आपदा विभाग की ओर से सर्पदंश से मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है। प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल प्रेजेंटेशन के माध्यम से सांप काटने के बाद शरीर में दिखने वाले लक्षण और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई।
रैबीज संक्रमित कुत्तों से बचाव की भी दी गई जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सड़क पर घूमने वाले और पीछा करने वाले रैबीज संक्रमित कुत्तों की पहचान, बचाव और प्राथमिक उपचार के तरीकों की भी जानकारी दी गई। टेली फिल्म के माध्यम से लोको पायलटों को जागरूक किया गया ताकि वे रात्रि ड्यूटी के दौरान सतर्क रह सकें। प्रशिक्षकों ने बताया कि समय पर सावधानी और सही प्राथमिक उपचार से कई हादसों को टाला जा सकता है।
फायर सेफ्टी की मॉक ड्रिल ने बढ़ाया आत्मविश्वास
सिविल डिफेंस डेमोंस्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने संस्थान परिसर में लोको इंजन में उपयोग होने वाले ड्राई केमिकल पाउडर और कार्बन डाइऑक्साइड फायर उपकरणों के इस्तेमाल की मॉक ड्रिल कराई। रेलकर्मियों को आग लगने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई और सुरक्षा उपायों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के अंत में लोको पायलटों ने सिविल डिफेंस की कौशलपूर्ण और उपयोगी प्रशिक्षण व्यवस्था की सराहना की।