Ghatshila: घाटशिला प्रखंड के गालूडीह स्थित महुलिया लैंपस में 31 मार्च 2026 तक कुल 203 किसानों से करीब 8743.35 क्विंटल धान की खरीद की गई। क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने सरकारी व्यवस्था के तहत अपनी उपज यहां बेची, लेकिन आगे की प्रक्रिया ठप पड़ने से समस्या बढ़ गई है।
उठाव धीमा, गोदाम हुआ पूरी तरह भर
धान खरीद के बाद चावल मिल द्वारा पर्याप्त उठाव नहीं किए जाने के कारण लैंपस का गोदाम पूरी तरह भर गया है। अब तक संबंधित मिल द्वारा केवल लगभग 5079 क्विंटल धान का ही उठाव किया गया है, जिससे शेष धान गोदाम में ही पड़ा हुआ है।
मजबूरी में बंद करनी पड़ी खरीद प्रक्रिया
लैंपस कर्मियों के अनुसार, गोदाम में जगह नहीं बचने के कारण 31 मार्च से पहले ही धान खरीद बंद करनी पड़ी। वर्तमान में सरकारी निर्देश के अनुसार खरीद प्रक्रिया पूरी तरह रोक दी गई है।
600 पंजीकृत किसान, अधिकांश अब भी इंतजार में
महुलिया लैंपस में करीब 600 किसान पंजीकृत हैं, लेकिन अब तक केवल 203 किसानों से ही धान खरीदा जा सका है। बाकी किसान अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार कर रहे हैं, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही है।
भुगतान में देरी और बिचौलियों की सक्रियता
धान खरीद बंद होने और भुगतान लंबित रहने से किसान दोहरी मार झेल रहे हैं। इस स्थिति का फायदा उठाकर बिचौलिये सक्रिय हो गए हैं, जिसके कारण कई गरीब किसान अपनी उपज खुले बाजार में कम कीमत पर बेचने को मजबूर हो रहे हैं।
नए आदेश का इंतजार
लैंपस प्रबंधन का कहना है कि यदि सरकार की ओर से नया निर्देश मिलता है, तो धान खरीद की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा सकती है। फिलहाल किसान इसी उम्मीद में हैं कि जल्द ही कोई समाधान निकले।