Dumka Crime News: झारखंड की उपराजधानी दुमका के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में अपराधियों ने मंगलवार की सुबह दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया. डीआईजी (DIG) ऑफिस के ठीक पास अज्ञात हमलावरों ने बस स्टैंड एजेंट और अखबार वितरक अरुण सिंह पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस हमले में एक गोली अरुण सिंह की पीठ में लगी, जिसके बाद वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े.
वारदात के बाद दुर्गापुर रेफर
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस के सहयोग से घायल अरुण सिंह को दुमका सदर अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी, जिसे देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित मिशन अस्पताल रेफर कर दिया है.
तीसरी बार बने अपराधियों का निशाना
इस मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि अरुण सिंह पर यह कोई पहला हमला नहीं था. पिछले कुछ समय में उन पर यह तीसरा जानलेवा हमला है. इससे पहले हुए दो हमलों में से एक बार उन्हें पहले भी गोली लग चुकी है. बार-बार एक ही व्यक्ति को निशाना बनाए जाने से पुलिस इसे पुरानी रंजिश या किसी बड़ी सोची-समझी साजिश से जोड़कर देख रही है.
तफ्तीश में जुटी पुलिस
हाई-प्रोफाइल जोन में हुई इस गोलीबारी ने पुलिस प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. हमलावरों की पहचान के लिए डीआईजी आवास और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले हमलों के पीछे कौन लोग थे और क्या इस घटना का तार पुराने विवादों से जुड़ा है.
डीआईजी ऑफिस और आवास जैसे अति-सुरक्षित क्षेत्र में दिनदहाड़े गोलीबारी होना दुमका की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान है. एक ही शख्स पर तीसरी बार हमला होना यह साफ करता है कि अपराधी न केवल बेखौफ हैं, बल्कि वे किसी भी कीमत पर अपने मंसूबों को अंजाम देना चाहते हैं. यह पुलिस की विफलता भी है कि पिछले दो हमलों के बावजूद पीड़ित को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिली या हमलावरों तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच पाए.